मध्य प्रदेश सरकार द्वारा केबल ऑपरेटरों पर कर बढ़ाकर बीस फीसदी किए जाने के इन लोगों ने पूरे प्रदेश में समाचार चैनलों का प्रसारण ठप कर दिया है. उपभोक्ता अब 28 फरवरी से समचार चैनल नहीं देख पा रहा है. केबल ऑपरेटरों ने यह कदम सरकार के कर बढ़ाने के विरोध में उठाया है. इन लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार बढ़ा हुआ कर वापस नहीं लेती है तो ये लोग पांच मार्च को सारे चैनल का प्रसारण रोक देंगे तथा अगले दिन से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे.
केबल ऑपरेटरों का आरोप है कि सरकार कुछ डीटीएच कंपनियों के इशारे पर उन लोगों का व्यवसाय ठप करने के लिए कर में इतनी वृद्धि की है ताकि लोग केबल ऑपरेटरों के महंगे संचालन की बजाय उनसे सस्ते पड़ने वाले डीटीएच कंपनियों की शरण में जाएं. केबल ऑपरेटर कहते हैं कि सरकार ने मल्टीप्लेक्स तथा सिनेमा घरों को दस साल के लिए मनोरंजन की छूट दी है, जहां 25 रुपये में बोतल का पानी बिकता है, पर गरीब के घरों में उपलब्ध होने वाले केबल पर उन्होंने कर लगा दिया है.
केबल ऑपरेटरों का कहना है कि राज्य में पिछले आठ सालों से केबल किराया में वृद्धि नहीं हुई है. राज्य सरकार इससे पहले भी जब मनोरंजन कर दस रुपये से बढ़ाकर बीस रुपये कर दिया था तो ऑपरेटर उपभोक्ताओं पर कोई भार ना डालते हुए खुद इसका भुगतान कर रहे हैं. पंजाब, राजस्थान आदि राज्यों में मनोरंजन कर को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया है, पर मध्य प्रदेश सरकार इस ज्यादा कर वसूलने की तैयारी कर रही है.
केबल ऑपरेटरों का कहना है कि सक्षम व्यक्ति तो पहले ही डीटीएच लगा चुके हैं. मध्यम वर्ग का उपभोक्ता केबल के सहारे हैं, अगर हम केबल कनेक्शन का किराया बढ़ाते हैं तो वो लोग भी केबल कनेक्शन से मुक्त होकर डीटीएच प्लेटफार्म पर जा सकते हैं. केबल ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर पांच तक हमारी समस्या का निदान नहीं निकला तो हम सारे चैनलों का प्रसारण ठप कर देंगे साथ ही छह मार्च से आमरण अनशन पर चले जाएंगे.





