जमशेदपुर से खबर है कि सहारा समय के पोटका क्षेत्र के स्ट्रिंगर विनोद केशरी से ब्लॉक प्रमुख तथा उनके लोगों ने वसूली के आरोप में पिटाई की. विनोद के खिलाफ पोटका थाने में मामला भी दर्ज करा दिया गया है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. इसकी सूचना मिलने पर संस्थान ने फिलहाल विनोद केशरी को काम करने से रोक दिया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार विनोद किसी खबर को लेकर हाला की आदिवासी महिला मुखिया के पास पहुंचे. इनके साथ साधना के रिपोर्टर भी थे. इन लोगों पर आरोप है कि किसी खबर को लेकर इन लोगों ने मुखिया से दस हजार की मांग की, परन्तु मुखिया ने एक हजार रुपये पकड़ाकर मामला सलटा लिया. बताया जा रहा है कि इस बात की खबर मुखिया के भाई के भाई को लग गई, जो इलाके के ब्लॉक प्रमुख हैं. वे अपने दल-बल के साथ विनोद केशरी को खेजने लगे. बताया जा रहा है कि विनोद हल्दीपोखर इलाके के एक नर्सिंग होम में मौजूद थे तभी प्रमुख अपने लोगों के साथ वहां पहुंच गए तथा विनोद की पिटाई की. विनोद को चोटें आई हैं. इसके बाद महिला मुखिया ने पोटका थाने में विनोद के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 384 एवं 385 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है. सहारा समय ने विनोद के खिलाफ वसूली की शिकायत मिलने पर काम करने से रोक दिया है.
इस संदर्भ में पूछे जाने पर विनोद ने बताया कि वसूली का गलत आरोप लगाया गया है. पुलिस प्रमुख के दबाव में एफआईआर दर्ज किया है. प्रमुख मेरी कई खबरों से नाराज चल रहे थे तथा अपने इलाके में कवरेज करने से रोक रहे थे, जब हमने उनकी बात नहीं मानी तो मारपीट करके मामला दर्ज करा दिया है. पोटका पुलिस ने बताया कि मुखिया की तहरीर पर विनोद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. इस संदर्भ में जब सहारा समय के जमशेदपुर ब्यूरो चीफ अंजनी पाण्डेय से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि हां सच है कि विनोद से प्रमुख एवं कुछ लोगों ने मारपीट की है. थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है. सूचना मिलने के बाद विनोद को काम से रोक दिया गया है तथा सच्चाई की जांच कराई जा रही है. उसकी छोटी-मोटी शिकायतें पहले भी आई थी, पर इस बार आरोप गंभीर हैं, लिहाजा जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा. वैसे रिपोर्टर का कहना है कि उसकी खबरों से नाराज होकर फंसाया जा रहा है. जांच में जो भी सच्चाई आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी.






