मुंबई : अदालत के फैसले के बाद विवाद में आए मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने कहा है कि मामला अदालत में है इसलिए इस बारे में बार-बार मेरी प्रतिक्रिया देने का कोई अर्थ नहीं है. मैं निर्दोष हूं. उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग मुझे निशाना बना रहा है. मीडिया में आ रही चीजें ही सारी सच्चाई नहीं है.
इस बारे में कृपाशंकर समर्थकों का कहना है कि पार्टी की अंदरुनी राजनीति की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और चीजों को बढा चढा कर पेश किया जा रहा है. सिंह के खिलाफ अदालत में दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) के आधार पर भले ही एफआईआर दर्ज हो गई हो पर पीआईएल में कही गई सारी बाते सच नहीं है. इसका फैसला होना बाकी है. उन्होंने कहा कि कुछ न्यूज चैनलों पर प्रसारित खबरों में कहा जा रहा है कि सिंह की 13 प्रापर्टी सील की गई है जबकि उनका कोई ब्योरा नहीं दिया जा रहा है.
सिंह की संपत्ति सील नहीं की गई है बल्कि अटैच की गई है जिसमें वे और उनका परिवार अभी भी मौजूद है. सिंह के समर्थकों ने मीडिया ट्रायल पर नाराजगी जताई. कृपा समर्थक कह रहे हैं कि सिंह के बेटे संजय सिंह की वाधवा वाली प्रापर्टी और रत्नागिर में कई एकड़ जमीन की चर्चा मीडिया में गर्म है लेकिन अभी तक इन संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उनका कहना है कि कुछ लोग बगैर तथ्यों को जाने हमारे नेता की छवि खराब करने के लिए सुनी-सुनाई बातों पर अफवाहे फैला रहे हैं, जिसे मीडिया भी हवा दे रही है.
कांग्रेस की मुम्बई इकाई के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह शनिवार को सामने आए और मीडिया के प्रति अपने पुत्र द्वारा किए गए व्यवहार के लिए माफी मांगी. मुम्बई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडबल्यू) और विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सिंह की सम्पत्तियों की तलाश में छापे की कार्रवाई जारी रखी जबकि अधिकारियों के एक दल ने सिंह से कई घंटों तक पूछताछ की. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वह निर्दोष हैं और उन्होंने कुछ भी नहीं किया है. सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मैं दोषी नहीं हूं, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है. मैं कानून की लड़ाई लड़ूंगा." उन्होंने कहा, "मीडिया मुझे और मेरे परिवार को निशाना बना रही है. जो सम्पत्तियां मेरी बताई जा रही हैं वे मेरी नहीं हैं." सिंह ने अपने पुत्र नरेंद्र मोहन के व्यवहार के लिए माफी मांगी. मोहन ने छापे की कार्रवाई कवर कर रहे पत्रकारों को अभद्र इशारे किए थे.





