संपादक, भड़ास4मीडिया, महोदय, 6 मार्च को झाँसी में चुनावी काउंटिंग के दिन सपा कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथ हुई मारपीट में एक टीवी पत्रकार का हाथ था. दरअसल वह टीवी पत्रकार बीएसपी से ताल्लुक रखता है. जब उसे लगा कि पूरे प्रदेश में बीएसपी हार रही है तो उसके अवैध खनन के कारोबार बंद हो जायेंगे इस कारण उसने झाँसी में हल्ला कर दिया कि काउंटिंग रूम के अन्दर सपाई घुस गए हैं. जबकि ये गलत खबर थी. उसने ये गलत खबर अपने चैनल पर भी फ्लैश करा दी. इस पर बाहर खड़े कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और मीडिया पर हमला कर दिया.
मतलब यह कि गलती की किसी एक ने और भुगतना पड़ा कइयों को. मीडिया में घुसे इस बसपाई पत्रकार के बारे में सब जानते हैं कि वह खुलकर बीएसपी के लिए काम करता रहा है और अब राजनीति फैला कर मीडिया को बदनाम कर रहा है. ऐसे लोगों पर जांच कर कार्रवाई होनी ही चाहिए. इस पत्रकार के खिलाफ उसके चैनल के प्रबंधन से झांसी के कई पत्रकारों ने शिकायत की है. झाँसी में अवैध वसूली के उसके ऊपर चल रहे मुकदमों की भी जांच चल रही है.. दहेज़ उत्पीड़न का मुकदमा भी जालौन में उसके पर दर्ज है. उरई की एक मुस्लिम महिला को झाँसी में भी ये अवैध रूप से अपने साथ रखे है.
झांसी से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





