: कानाफूसी : यह कहानी संभवतः उज्जैन की है. दैनिक भास्कर ने एक ऐसे शख्स को अपने से जोड़ लिया है जो करोड़ों के घोटाले का आरोपी है और नौकरी से बर्खास्त है. दैनिक भास्कर वाले किस नैतिकता के तहत उसे अपने से जोड़े हैं, यह समझ के बाहर है. पर इतना तो समझ में आ रहा है कि जो इन अखबारों को पैसे दिला दे, अब वही असली प्रतिनिधि. आप करते रहिए पत्रकारिता की बात पर भ्रष्टाचारियों की जमात नोट के बल पर आपसे आगे निकल जाएगी. देखिए, एक साथी ने पत्र लिखकर भड़ास को पूरी कहानी बताई है. आप भी पढ़िए….






