करौली के राजस्थान पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष तरुण सैनी के साथ 9 मार्च को मारपीट के बाद अपहरण का प्रयास किया गया था. परन्तु कुछ साथी पत्रकारों के पहुंच जाने के चलते वे असमाजिक तत्व अपने काम को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके. तरुण के साथ हुई इस घटना पर सवाई माधोपुर के पत्रकार और राजस्थान पत्रकार संघ (जार) ने आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है.
धुलंडी के दूसरे दिन शाम को तरुण सैनी का कुछ असामाजिक तत्वों ने अपहरण की कोशिश की, पर साथियों पहुंच जाने से वे बच गए. उन्होंने तुरंत ही प्रदेश कार्यालय में इस बात की सूचना दी. इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई परन्तु बताया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में अपहरणकर्ताओं का पक्ष लेते हुए मामले को दबाने का प्रयास कर रही है. सूत्रों का कहना है कि इस मारपीट तथा अपहरण की घटना में उन लोगों का हाथ हो सकता है, जो तरुण सैनी से पहले जार की कार्यकारिणी में वर्षों से कब्जा जमाए बैठे थे.
बताया जा रहा है कि पूर्व के पदाधिकारी ना सिर्फ जार पर कब्जा जमाए बैठे थे बल्कि जार के नाम पर जमकर चन्दा उगाही भी कर रहे थे. नई कार्यकारिणी बन जाने के बाद इनकी अवैध कमाई पर कुठाराघात सहन नहीं कर पाए. इस मामले में जार के प्रदेश स्तर के बर्खास्त पदाधिकारियों की गुप्त शह की बात भी सामने आ रही है. वर्तमान में प्रदेश अध्यक्ष उमेंद्र दाधीच और महासचिव डा. सुरेंद्र शर्मा ने इस मामले को गृहमंत्री तक ले जाने की बात कही है और दोषियों को सजा दिलाने का आह्वान किया है. उन्होंने सभी पत्रकारों से अपील की है कि वे तुरंत अपनी सहमति दें और एकजुट हो जाएं कि फिर किसी पत्रकार के साथ ऐसा ना हो.





