कांग्रेसी दिल्ली के निर्देश के आदी रहे हैं. इसी कारण वे अपनी जमीन बनाने विकसित करने की जगह दिल्ली की तरफ टकटकी लगाए रहते हैं. और, दिल्ली वाले कांग्रेसी हैं कि इस प्रवृत्ति को बढ़ाकर खुश होते रहते हैं, सुप्रीम बने रहने के गुरूर में मगन रहते हैं. जी. बात हो रही है सोनिया गांधी उर्फ कांग्रेसी सुप्रीमो की. उन्होंने उत्तराखंड पर अपना मुख्यमंत्री थोप दिया है. बेचारे उत्तराखंड वाले ताकते रह गए, आपस में खींचतान करते रह गए. ढेर सारे नामों को खारिज कर सोनिया ने ऐसे आदमी को सीएम बनाया जिसके बनने की किसी को कोई उम्मीद न थी. विजय बहुगुणा नामक शख्स की पहचान ये है कि साहब यूपी कांग्रेस अध्यक्षा रीता बहुगुणा जोशी के भाई हैं, हेमवती नंदन बहुगुणा के बेटे हैं, जज रहे हैं फिर नेता बने. टिहरी गढ़वाल से कांग्रेस के सांसद हैं.
लंबी चली खींचतान के बाद उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री का ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से कर दिया गया है. विधानसभा चुनावों में बहुमत के सबसे करीब पहुंची कांग्रेस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के तौर पर कई लोगों के नामों पर चर्चा चल रही थी, लेकिन किस्मत की देवी लोकसभा सांसद विजय बहुगुणा के साथ दिखी. कानूनी दुनिया के माहिर बहुगुणा इलाहाबाद और बॉम्बे हाईकोर्ट के जज भी रहे हैं और साल 2002 से 2007 के बीच उत्तराखंड योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे हैं. पढ़ने और घूमने का शौक रखने वाले बहुगुणा कानूनी मामलों पर सेमिनार में अक्सर देखे जाते हैं. उन्हें गोल्फ, चेस और बिलियार्ड्स खेलने का भी शौक है.






