Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

”सरकार हमारी है, ज्‍यादा खबर छापी तो गोली से उड़ा देंगे”

: पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी, प्रशासन ने मूंदी आखें : ‘प्रदेश में हमारी सरकार बन गई है। सोच समझकर खबर लिखो नहीं तो गोली से उड़ा दिया जाएगा, कोई भी नहीं बचा पाएगा।’ इलाहाबाद में 11 मार्च को दोपहर साढ़े ग्यारह बजे पत्रकार राकेश शुक्ला को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी मिली तो वह परेशान हो गए। राकेश शुक्ला इलाहाबाद से प्रकाशित डेली न्यूज पेपर अमृत प्रभात के ग्रामीण संवाददाता हैं। फोन पर धमकाने वाले शख्स के अनुसार राकेश ने टाउन एरिया लाल गोपालगंज में होली के अवसर पर हुए फसाद की डिटेल्स खबर अपने अखबार में छापी थी।

: पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी, प्रशासन ने मूंदी आखें : ‘प्रदेश में हमारी सरकार बन गई है। सोच समझकर खबर लिखो नहीं तो गोली से उड़ा दिया जाएगा, कोई भी नहीं बचा पाएगा।’ इलाहाबाद में 11 मार्च को दोपहर साढ़े ग्यारह बजे पत्रकार राकेश शुक्ला को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी मिली तो वह परेशान हो गए। राकेश शुक्ला इलाहाबाद से प्रकाशित डेली न्यूज पेपर अमृत प्रभात के ग्रामीण संवाददाता हैं। फोन पर धमकाने वाले शख्स के अनुसार राकेश ने टाउन एरिया लाल गोपालगंज में होली के अवसर पर हुए फसाद की डिटेल्स खबर अपने अखबार में छापी थी।

11 मार्च को ही राकेश शुक्ला ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर एनसीआर दर्ज करा दी। एसओ ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। इस घटना के तीसरे दिन मंगलवार को इलाकाई पत्रकारों ने थाने में एसओ से मिलकर घटना को गंभीरता से लेने व दोषी व्यक्ति के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग की। साफतौर पर चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने मामले में लीपापोती की तो पत्रकारों का संगठन सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।

इस मामले में यहां के पत्रकारों का कहना है कि पत्रकार राकेश शुक्ला को धमकी देने के मामले में प्रशासन शुरू से लीपापोती में जुटा हुआ है। एसओ को छोड़िए जिले के किसी अफसर की कान में जूं नहीं रेंगी। वजह, धमकी देने वाले व्यक्ति ने अपनी सरकार बन जाने की बात कहकर खुद को सत्ता का करीबी होने का संकेत पहले से ही दे दिया है।

उधर, बसपाइयों के सगे-सहोदर की पहचान रखने वाले नवाबगंज के थानेदार महामाया प्रसाद से तो कार्रवाई की उम्मीद करना ही बेकार है। शासन की नीतियों का बैंड बजाकर आमजन के बीच गलत छवि पेश करने के आदी बन चुके चापलूस टाइप के कुछ अफसरों ने सपा शासन को बदनाम करने की शुरुआत अभी से कर दी है। भले ही सूबे के नए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बेपटरी हो चुकी सूबे की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने की बात बार-बार क्यों न कर रहे हों।

सवाल यह है कि माया शासन में ‘माया’ के बल पर मनमानी जगह पोस्टिंग कराके बेलगाम हो चुके यहां के करीब आधे दर्जन ऐसे अफसरों पर कायदा-कानून की लगाम शासन कैसे कसेगा? बहरहाल, पत्रकार को जान से मारने वाली इस घटना से एकजुट हुए यहां के पत्रकारों ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है। इसके बाद पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराएगा।

इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...