Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

साईं बाबा का दरबार + लुटेरे पत्रकार = जमीन, मकान और कार

शिर्डी के साईं बाबा विश्व विख्यात हैं. उनके दरबार में देश-दुनिया से भक्त आते हैं. ऐसे माहौल में लुटेरों की शिर्डी में कमी नहीं, लेकिन अगर कोई आपसे यह कहे कि पत्रकार भी लुटेरों का काम करते हैं तो क्या कहेंगे? ये पत्रकार भी शिर्डी में अपना डेरा डाले हुए हैं, जिसमें कुछ हर महीने एक दूसरे न्यूज़ चैनल को ठगते हुए उसका लोगो दिखाकर आने जाने वालों को लूटते रहते हैं. खुद शिर्डी में रहने वाले नागरिक और पुलिस भी इनसे वाकिफ हैं, लेकिन इन पत्रकारों का कुछ नहीं होता.

शिर्डी के साईं बाबा विश्व विख्यात हैं. उनके दरबार में देश-दुनिया से भक्त आते हैं. ऐसे माहौल में लुटेरों की शिर्डी में कमी नहीं, लेकिन अगर कोई आपसे यह कहे कि पत्रकार भी लुटेरों का काम करते हैं तो क्या कहेंगे? ये पत्रकार भी शिर्डी में अपना डेरा डाले हुए हैं, जिसमें कुछ हर महीने एक दूसरे न्यूज़ चैनल को ठगते हुए उसका लोगो दिखाकर आने जाने वालों को लूटते रहते हैं. खुद शिर्डी में रहने वाले नागरिक और पुलिस भी इनसे वाकिफ हैं, लेकिन इन पत्रकारों का कुछ नहीं होता.

शिर्डी के साईं मंदिर परिसर में यूं तो हजारो लुटेरे हैं, जिन पर पूरी तरह स्थानीय पुलिस शिकंजा नहीं कस पायी है, लेकिन पिछले दो वर्षों से अधिक समय से शिर्डी में बस गए लुटेरे पत्रकार भी इनमें शामिल हैं, जो न्यूज़ चैनल बदलते रहते हैं और काम से निकाले जाने पर भी लोगो वापस नहीं देते. उसी लोगो वाले चैनल का पत्रकार बताकर आने-जाने वाले सैलानियों, श्रद्धालुओं  तथा भक्तों को लूटते रहते हैं. ऐसे लुटेरों ने अपना नाम भी भगवान के नाम पर रख लिया है.

रखैल को साथ में लिए दर-दर घूमकर अलग-अलग चैनलों के लोगो दिखाकर अधिकारियों, नेताओं और भक्तों को इतना ही नहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाले ट्रक ड्राईवर को भी लूटते रहते हैं. इनके पास अलग अलग न्यूज़ चैनल के काफी लोगो होते हैं, जो अब धमकाकर पैसे लूटने के काम आते हैं. केवल न्यूज़ चैनल वाले ही लुटेरे हैं ऐसा नहीं, कुछ अखबारों के नाम पर भी लोगों को लूटते हैं. कुछ ने शिर्डी संस्‍थान के दायरे में सरकारी जमीन लेकर फ्लैट बना लिया है, जिनकी कीमत लाखों में है.

शिर्डी संस्‍थान में भी भारी भ्रष्‍टाचार है, जिसके चलते संस्‍थान के विश्‍वस्‍त इन लुटेरों को भी अपने साथ लेकर 'तेरी भी चुप मेरी चुप' की तरह भक्तों और संस्‍थान दोनों को लूटते रहते हैं. इन पत्रकारों में अधिकांश बिना पढ़े-लिखे हैं, लेकिन केवल होशियारी के बल पर अपना काम बखूबी चला लेते हैं. न्यूज़ चैनल को सबसे पहले विजुअल भेजने वाले चाहिए होते हैं, लेकिन इस बात की भी जांच नहीं होती कि ऐसे पत्रकारों को लिखना-पढ़ना आता भी है या नहीं, लेकिन टीआरपी की मज़बूरी के आगे योग्यता का कया मायने?

खैर, अखबारों के झूठे पंजीकरण करने वालों की भी यहाँ कमी नहीं है. साल में एक बार अंक निकालते हैं और पूरा साल लोगों को लूटते रहते हैं. टीवी के तो एक-एक पत्रकार के पास तीन से चार न्यूज़ चैनल का काम है और जो पत्रकार एक ही चैनल का काम करते हैं वो शहर के आमलोगों से वसूली करते हैं, जिसमें स्‍थानीय प्रशासन भी शामिल है. स्‍थानीय पुलिस को कुछ गुंडों के टिप्स देकर अपना उल्लू सीधा करने वाले पत्रकारों की शिर्डी में कमी नहीं. इन्होंने कम समय में फ्लैट, कार, कैमरे आदि खरीद लिए हैं. अखबार वालों का हाल तो इनसे भी अधिक बहेतर है. फ्लैट के साथ-साथ जमीने भी खरीद ली है और मजे कर रहे हैं. कुछ शराब पीकर साईं के मंदिर के सुरक्षा रक्षकों को धमकाते हुए बाहर के भक्तों के लिए पिछले द्वार से अंदर जाने का रास्ता बनाते हैं. गौरतलब बात है ह‍ि कोई भी कंपनी या संस्करण इन बातों की और ध्यान नहीं देता. परिणामस्वरुप कंपनी से मिलने वाले कम खर्च में भी अपना रईस किस्‍म का जीवन बिता रहे हैं. जय साईं राम.

शिर्डी से सुनील दत्‍ता की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...