मुंबई। जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक और मीडिया विशेषज्ञ निरंजन परिहार द्वारा विख्यात जैन संत आचार्य चंद्रानन सागर सूरीश्वर महाराज पर लिखित पुस्तक ‘एक राष्ट्र, एक संत’ की पहली प्रति महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल को भेंट की गई। मुंबई के राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में देश भर से आए करीब सवा सौ से भी ज्यादा प्रतिष्ठित एवं जाने माने लोगों की उपस्थिति में प्रति युवा समाजसेवी प्रवीण शाह और निरंजन परिहार ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को यह प्रति सौंपी।
शिक्षा, चिकित्सा और समाज हेतु चालीस सालों से काम करनेवाले आचार्य चंद्रानन सागर को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रसंत सम्मान प्रदान किए जाने के विशेष मौके पर इस पुस्तक का प्रकाशन किया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख, सांसद राज बब्बर, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,

राष्ट्रपति को ‘एक राष्ट्र, एक संत’ की पहली प्रति भेंट करते निरंजन परिहार
मुंबई के राजभवन में आयोजित राष्ट्रसंत सम्मान समारोह में लोकप्रिय समाजसेवी कनकराज लोढ़ा, नाहर ग्रुप के चेयरमेन सुखराज नाहर, वरुण इंडस्ट्रीज के चेयरमेन किरण मेहता, एमएम ग्रुप के सीएमड़ी रमेश मूथा, भैरव लाइफस्टाइल के चेयरमेन मदन मुठलिया, आरएसबीएल के चेयरमेन पृथ्वीराज कोठारी, सेलो ग्रुप के सीएमड़ी घीसूलाल बदामिया, कॉसमॉस ग्रुप के डायरेक्टर मनीष मेहता और पारस जैन के अलावा मलबार हिल के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई भाजपा के अध्यक्ष राज के पुरोहित, वरुण ग्रुप के कैलाश अग्रवाल और वरिष्ठ समाजसेवी इंदरभाई राणावत, रॉयल चेन के चेयरमेन फुटरमल जैन, सुरेश जैन सहित कई उद्योगपति एवं जाने-माने लोग इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।





