मीडिया स्टडीज़ ग्रुप जनसंचार से जुड़े शोधों पर आधारित मासिक शोध पत्रिका जनमीडिया (हिन्दी) और मास मीडिया (अंग्रेजी) का प्रकाशन कर रहा है। यह आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि मीडिया स्टडीज़ ग्रुप की गतिविधियों (विशेषकर शोध और सामाजिक मुहिम) तथा जनसंचार से संबन्धित विषयों पर विश्वविद्यालयों, संस्थानों और स्वतंत्र रूप से किए जा रहे शोधों को पत्रकारों, लेखकों सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों के दायरे को विस्तारित कर आम लोगों के बीच ले जाया जाए। जन मीडिया औऱ मास मीडिया इसी समझ की उपलब्धि है। ये दोनो जर्नल, मीडिया के क्षेत्र में गम्भीर शोध की कमी को पूरा करने की दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकेंगे।
जनमीडिया और मास मीडिया के जरिये संचार और संप्रेषण के क्षेत्र में मौलिक शोध का वातावरण बनाना हमारा लक्ष्य है। हमारी अवधारणा का केंद्र ‘हमारा समाज, हमारा शोध’ है। हमारी समझ है कि किसी समाज का वास्तविक विकास उस समाज में शोध की दशा और दिशा पर निर्भर करता है। जिस समाज में शोध का इतिहास और वर्तमान दोनों परजीवी हों और जहां विभिन्न तरह के देशी और विदेशी “प्रभावों” में होने वाले अध्ययनों और शोधों को मार्गदर्शक मान लेने की प्रवृति हो, वहां मौलिक शोध के भविष्य को लेकर चिंता जायज है। जो समाज अपनी जनाकांक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी खुद की शोध पद्धति का विकास करता है, वही समाज अपनी आत्मनिर्भरता को लेकर आश्वस्त हो सकता है।
'जनमीडिया' और 'मास मीडिया' के जरिये हम प्रभावमुक्त और स्वतंत्र शोध का अपना दायरा बढ़ाना चाहते हैं। इस सन्दर्भ में आप से गुजारिश है की इन पत्रिकाओं की सदस्यता लें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें. मैग्जीनों के संपादक अनिल चमड़िया हैं और सहयोगी संपादक के रूप में विजय प्रताप, अवनीश व पूर्णिमा उरांव कार्यरत हैं. आप नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों, एसएमएस और ई-मेल के जरिए सदस्यता हेतु संपर्क कर सकते हैं… 09868456745, 09910638355, [email protected], [email protected] पता है- मासमीडिया-जनमीडिया, ए-4/5, सेक्टर-18, रोहिणी, दिल्ली-110085
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