भड़ास4मीडिया को एक मेल के जरिए बताया गया है कि प्रभात खबर, भागलपुर यूनिट के अंतर्गत पड़ने वाले मॉडम सेंटर के पत्रकारों का पिछले चार-पांच माह से वेतन बंद है. प्रखंड रिपोर्टरों का भी ऐसा ही हाल है. कारण बताया जा रहा है कि विज्ञापन की राशि इन सेंटरों में बकाया है. एक तरफ कंपनी विज्ञापन का बकाया राशि भुगतान करने का दवाब डाल रही है तो दूसरी ओर हर आयोजन पर नए विज्ञापन वसूलने का और लक्ष्य पूरा करने का फरमान जारी करती है.
अब पत्रकार पेशोपेश में हैं कि पुरानी राशि वसूलें कि नया विज्ञापन दें. हालांकि हरेक मॉडेम ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में पूरी मुस्तैदी दिखाई. बावजूद पत्रकार एक-एक पैसे के लिए मोहताज हो गए हैं. अब तो न उन्हें काम छोड़ते ही बनता है और ना ही काम करते बनता है. कार्यालय में अपने बॉस की बात सुननी पड़ती है तो घर जाने पर बच्चों और पत्नी की बात सुननी पड़ रही है. पत्रकार आखिर करें तो क्या.
हालांकि इस मेल के संदर्भ में जब बिहार के स्टेट हेड स्वयं प्रकाश से बात की कई तो उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल गलत सूचना है. प्रभात खबर अपने पत्रकारों का वेतन-पैसा समय से देता है. हो सकता है कि हम पैसे थोड़े कम या ज्यादा देते हों पर प्रभात खबर में पैसा रेगुलर मिलता है और सब कुछ बिल्कुल अपडेट रहता है.





