नई दिल्ली : गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि अगस्त में रामलीला मैदान में उन्होंने अकेले लोगों को नहीं जगाया, बल्कि लोगों की भ्रष्टाचार सहने की क्षमता समाप्त हो गई है, इसलिए वे स्वत: उठ खड़े हुए। अन्ना बुधवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर में टीवी पत्रकार आशुतोष की किताब ‘अन्ना : 13 डेज देट अवेकेंड इंडिया’ का लोकार्पण करते हुए बोल रहे थे। अन्ना ने इस मौके पर एक बार फिर गांधी का हवाला देते हुए गांव के विकास पर जोर देते हुए अपने विचार रखे।
सीएनएन-आईबीएन के एडिटर इन चीफ राजदीप सरदेसाई ने कहा कि इतिहास साल 2011 को अन्ना के वर्ष के रूप में याद करेगा। आशुतोष ने कहा कि वे इस आंदोलन के साक्षी रहे और जैसा उन्होंने देखा उसे लिखा। उन्होंने कहा कि अन्ना इस आंदोलन के अवश्य ही चेहरा रहे लेकिन अरविंद केजरीवाल इस आंदोलन का दिमाग थे। इस कार्यक्रम में राजधानी के जाने-माने पत्रकार व संपादक भी मौजूद थे। साभार : भास्कर





