मुंबई : बालीबुड की फिल्मों के बोल्ड होने का सिलसिला जारी है. जिस तरह बोल्ड विषय वाली फिल्में दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं, उसके कारण निर्माताओं को अपनी फिल्मों के 'ए' (केवल वयस्कों के लिए) सर्टिफिकेट लेने से परहेज नहीं रहा. हिंदी की अपेक्षा भोजपुरी में अधिक बोल्ड फिल्में बन रही हैं. पिछले साल सेंसर से पास आधी से अधिक भोजपुरी फिल्में ए सर्टिफिकेट वाली थी.
फिल्म सेंसर के आकडों के अनुसार वर्ष 2009 में सेंसर बोर्ड द्वारा पास की गई कुल फिल्मों से 16.61 प्रतिशत फिल्में ए प्रमाण पत्र वाली थी. 2010 में ए प्रमाणपत्र वाली फिल्मों की संख्या में बढोत्तरी हुए और इस साल 17.82 प्रतिशत फिल्म केवल वयस्कों वाली रही. जबकि साल (2011) में 31.07 प्रतिशत फिल्में 'ए' प्रमाण पत्र वाली रही. यानि इनकी संख्या में 13.24 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई. पिछले साल कई बडे बजट वाली कई फिल्में केवल गाली-गलौच और अश्लील संवादों की वजह से चर्चा में रही और दर्शकों ने ऐसी फिल्मों को पसंद भी किया.
पहले भोजपुरी फिल्म अपने साफ-सुथरेपन के लिए जानी जाती थी. पर अब यहां भी बोल्ड फिल्मों का ही जलवा है. 2011 में फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) द्वारा प्रमाणित की गई 74 भोजपुरी फिल्मों मे से 44 फिल्में ए सर्टिफिकेट वाली फिल्में रही. इस साल प्रमाणित हुई कुल 206 हिंदी फिल्मों में 63 फिल्में ए सर्टिफिकेट वाली रही. जबकि मराठी में ए प्रमाणपत्र वाली फिल्मों की संख्या काफी कम रही. जबकि गुजराती भाषा में बनी 59 फिल्मों केवल एक फिल्म वयस्कों वाली (ए) रही. सालभर में जारी हुई 107 मराठी फिल्मों में से 3 फिल्में ए सर्टिफिकेट वाली रही. 2011 में पिछले साल (2010) की अपेक्षा कम फिल्मे रिलिज हुई. 2010 में जहां सेंसर बोर्ड ने कुल 1274 फिल्मों को प्रमाण पत्र जारी किया था. वहीं 2011 में इनकी संख्या 1255 रही. इनमें 206 फिल्में हिंदी की थी. सेंसर बोर्ड फिल्मों को मुख्यत: तीन वर्गों के अन्तर्गत प्रमाणित करता है यू- अनिर्बन्धित सार्वजनिक प्रदर्शन, व- केवल वयस्क दर्शकों के लिए और यूए- 12 वर्ष से कम आयु के बालक/बालिका माता-पिता के मार्गदर्शन के साथ फिल्म देख सकते हैं.
वयस्क (ए) सर्टिफिकेट वाली भाषावार फिल्मे-2011
भाषा कुल फिल्में ए सर्टिफिकेट वाली फिल्मे
हिंदी 206 63
भोजपुरी 74 44
मराठी 107 03
गुजराती 59 01
तमिल 185 47
तेलगु 192 43
मुंबई से विजय सिंह कौशिक की रिपोर्ट.





