जी हां. बात दैनिक भास्कर की हो रही है. अंबाला में लोकल पेज अंबाला भास्कर के नाम से निकलते हैं. लोकल के पहले पेज पर लीड हेडिंग आठ कालम में है- अम्बाला शहर में सम्पूर्ण इलैक्ट्रोनिक्स शौरूम सरगम का उदघाटन कल…. इसके नीचे दो चार हेडिंग और हैं. एक हेडिंग है- 1 घंटे रूकी रही सदा ए सरहद. यह हेडिंग चार कालम में है. सिटी और कैंट में 41 केंद्रों पर सिविल सेवा परीक्षा आज. यह सिंगल कालम है. बलजिंद्र के हत्यारोपियों को पनाह देने वाला काबू. यह हेडिंग दो कालम में है. शुरुआती पहले कालम में नवरात्रि के तृतीय चंद्रघंटा के बारे में वर्णन है.
ये सभी नीचे की चारों हेडिंग व इससे संबंधित खबरें तो समझ में आ रही हैं, क्योंकि इनका विस्तार भी दिया गया है. लेकिन जो पहली लीड हेडिंग है वह समझ से परे है. 'अंबाला शहर में संपूर्ण इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम सरगम का उदघाटन कल' शीर्षक के अलावा इसका कोई विस्तार नीचे नहीं है. जाहिर है. यह लीड खबर नहीं है. यह विज्ञापन है. जिसे लीड खबर के अंदाज में हेडिंग बनाकर दिया गया है. लेकिन कहीं विज्ञापन नहीं लिखा गया है. यानि सौ फीसदी यह पेड न्यूज सरीखा है. पाठकों को चीट करने वाला है, पाठकों से धोखा करने वाला है, पाठकों के प्रति अन्याय करने वाला है. क्या पैसे लेकर इस तरह की हेडिंग लगाकर पाठकों को ठगने के धंधे का कोई तोड़ है? सुन रहे हैं जस्टिस काटजू. सिर्फ बात करने से नहीं, इन माफिया मीडिया घरानों के खिलाफ एक्शन लेने से बात बनेगी. अंबाला भास्कर के पहले पेज को देखिए…

अँबाला के एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





