Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

राष्ट्रीय सहारा अखबार की खबर में मायावती को मां की गाली

सहारा समूह में काम करने वालों के बारे में कहा जाता था कि वे सरकारी नौकरी करते हैं. उनकी नौकरी जानी मुश्किल है. इसी दौर में इस संस्‍थान में ऐसे लोग भर गए जो काम कम राजनीति ज्‍यादा करते हैं. और दुर्भाग्‍य से ये सहारा के किसी एक यूनिट का नहीं सभी का ऐसा ही हाल है. फिलहाल अभी खबर राष्‍ट्रीय सहारा बनारस की. बनारस यूनिट में तो लग रहा है कि भांग घोल दिया गया है, हर कोई नशे में लग रहा है, तभी तो अखबार में क्‍या जा रहा है क्‍या नहीं जा रहा है, इसे देखने वाला कोई नहीं है.

सहारा समूह में काम करने वालों के बारे में कहा जाता था कि वे सरकारी नौकरी करते हैं. उनकी नौकरी जानी मुश्किल है. इसी दौर में इस संस्‍थान में ऐसे लोग भर गए जो काम कम राजनीति ज्‍यादा करते हैं. और दुर्भाग्‍य से ये सहारा के किसी एक यूनिट का नहीं सभी का ऐसा ही हाल है. फिलहाल अभी खबर राष्‍ट्रीय सहारा बनारस की. बनारस यूनिट में तो लग रहा है कि भांग घोल दिया गया है, हर कोई नशे में लग रहा है, तभी तो अखबार में क्‍या जा रहा है क्‍या नहीं जा रहा है, इसे देखने वाला कोई नहीं है.

ताजा मामला गाजीपुर एडिशन का है. अखबार में प्रकाशित एक खबर में पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती के लिए गाली लिखा गया है. अब सवाल यह है कि यह खबर कई स्‍तरों पर, कई नजरों से होकर गुजरी होगी, फिर भी इतनी बड़ी गलती पकड़ में क्‍यों नहीं आई. कंपोजर ने टाइप किया होगा, खबर देखने वाले ने खबर देखी होगी, पेज तैयार करने वाले ने भी खबर देखी होगी, फिर कैसे यह गलती अखबार में रह गई. इस खबर के बाद से बसपाई इस अखबार के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं.

मायावती को गाली छपने के बाद से प्रबंधन में भी हड़कम्‍प मचा हुआ है. इसी गाली वाली खबर का असर है कि राष्‍ट्रीय सहारा के स्‍थानीय संपादक स्‍नेह रंजन की विदाई होने जा रही है. लखनऊ से दयाशंकर राय को नया आरई बनाकर लाया जा रहा है. राष्‍ट्रीय सहारा, बनारस के सूत्रों का कहना है कि यह गड़बड़ी यूनिट से हुई है. जांच में गाजीपुर से खबर ठीक आई थी, यहां पर ही किसी ने खबर से छेड़छाड़ की है. यानी एक दूसरे को सबक सिखाने के लिए अखबार को ही मोहरा बना दिया गया. डाक एडिशन विनोद शर्मा के जिम्‍मे था. सूत्रों का कहना है कि उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है.

गाजीपुर एडिशन में प्रकाशित इस खबर के बारे में बनारस के एक पत्रकार ने भड़ास को पत्र भेजकर सूचित किया है, जो इस प्रकार है…

''सच कहने की हिम्मत का नारा देने वाले अखबार राष्ट्रीय सहारा ने 26 मार्च यानी आज के अंक में एक इतिहास रच दिया है। वाराणसी संस्करण के गाजीपुर डाक वाले अखबार में एक खबर ऐसी लगी है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को गालियां लिखी गई हैं। खबर की हेडिंग है संस्कृत शिक्षकों को युवा मुख्यमंत्री से उम्मीदें, इसके बाद अंदर खबर में पहले वाक्य के बाद भोजपुरिया अंदाज में मायावती को गालियां लिख मारी गई हैं। खबर सैदपुर डेटलाइन से लगाई गई है। मां की गालियां देते हुए लिखा गया कि उन्होंने संस्कृत शिक्षकों का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। खबर में गाली-ग्‍लौज का पता चलते ही सहारा प्रबंधन ने डैमेज कंट्रोल के लिए मार्केट से दोपहर बाद अखबार वापस समेटना शुरू किया, लेकिन कुछ सौ कापियां ही वापस ले जा पाए।''

 

 
 

 
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...