राष्ट्रीय सहारा अखबार में मायावती को मां की गाली प्रकाशित हो जाने के प्रकरण में ताजी जानकारी ये है कि गाली लिखने का काम बनारस आफिस में किसी ने किया. गाजीपुर आफिस से जो खबर भेजी गई, उसमें गाली नहीं थी. यह जानकारी राष्ट्रीय सहारा से जुड़े एक जिम्मेदार शख्स ने दी. नाम न छापने की शर्त पर इन्होंने बताया कि गाजीपुर से जो खबर गई थी, वह बिलकुल ठीक थी. उसमें कहीं कोई गाली नहीं थी. इस खबर में गाली को जोड़ने का काम बनारस आफिस के किसी शख्स ने किया. प्रत्येक ब्यूरो अपनी खबर अपने डेस्क इंचार्ज के पास भेजता है.
गाजीपुर से खबर बनारस गई तो वहां गाजीपुर डेस्क के इंचार्ज ने इसे चेक किया. फिर इस खबर को पेज आपरेटर ने पेज पर लगाया. इसी दरम्यान किसी ने गाली जोड़ दिया. फिलहाल सहारा प्रबंधन ने इस प्रकरण में बनारस के स्थानीय संपादक, डेस्क इंचार्ज और पेज आपरेटर को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया है. स्थानीय संपादक का पद बड़ा होता है, इसलिए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की जगह लखनऊ आफिस में एचआर से अटैच कर दिया गया है. देर सबेर उन्हें जांच के बाद बर्खास्त कर दिया जाएगा. उधर, सहारा की दिल्ली की एक जांच टीम बनारस पहुंच चुकी है और जांच का काम शुरू कर दिया है. यह टीम अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करके प्रबंधन को देगी और उस जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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