अमर उजाला में बड़े पैमाने पर संपादकों के तबादला होने की संभावना है. इस फेरबदल में कई संपादकों के इधर उधर होने की संभावना है. जिन यूनिटों के संपादकों का तबादला होना तय माना जा रहा है उसमें कानपुर, मरेठ, बरेली, बनारस और इलाहाबाद यूनिट शामिल हैं. खबर है कि प्रबंधन इन यूनिटों के संपादकों को नोएडा तलब किया है तथा उनसे बातचीत कर रहा है. समझा जा रहा है कि 2 अप्रैल तक संपादकों के तबादला की लिस्ट जारी हो जाएगी.
सूत्रों का कहना है कि कानपुर, मेरठ तथा बरेली में संपादकों का तबादला तय माना जा रहा है. मेरठ यूनिट पर कुछ आरोप लगे हैं. सूर्यकांत द्विवेदी की जगह भेजे गए शंभूनाथ शुक्ल भी प्रबंधन का विश्वास जीतने में पूरे सफल नहीं हो पाए हैं. हालांकि कहा जा रहा है कि उन्हें प्रबंधन और मौका दे सकता है. वहीं बरेली में प्रबंधन प्रभात सिंह के कामकाज को लेकर खुश नहीं है. प्रभात सिंह को पूरा मौका मिलने के बाद भी अखबार को उस जगह नहीं खड़ा कर पाए, जिसकी उम्मीद प्रबंधन उनसे कर रखा था.
बताया जा रहा है कि शंभूनाथ शुक्ल की जगह निशीथ जोशी को संपादक बनाए जाने की चर्चा है. निशीथ इसके पहले अमर उजाला, देहरादून के संपादक रह चुके हैं. विजय त्रिपाठी के देहरादून का संपादक बनने के बाद उन्हें नोएडा कारपोरेट ऑफिस अटैच कर दिया गया था. दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन बनारस तथा इलाहाबाद में अखबार की स्थिति से संतुष्ट है. बनारस के संपादक डा. तीरविजय सिंह तथा इलाहाबाद के संपादक मनोज मिश्र का तबादला रुटीन के तहत किया जा रहा है. इन संपादकों को कहां भेजा जाएगा अभी पता नहीं चल पाया है.
इन तबादलों को लेकर अमर उजाला के अंदर मामला पूरा सरगर्म हो गया है. कयास लगाए जा रहे हैं आगे कुछ और संपादकों को भी इधर उधर किया जा सकता है. हालांकि अभी तक निशीथ जोशी को छोड़कर किसी का डेस्टीनेशन तय नहीं माना जा रहा है. पर संभावना जताई जा रही है कि इन संपादकों के इन्हीं पांच यूनिटों में इधर-उधर किया जाएगा और जिन लोगों के परफारमेंस से प्रबंधन खुश नहीं है उन्हें बुलाकर कारपोरेट ऑफिस में डम्प किया जाएगा. राजुल माहेश्वरी के तेवर को देखकर अमर उजाला के दूसरे यूनिटों के संपादक भी इन तबादलों पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं.






