पटना। बिहार की राजग सरकार के शासनकाल में पे्रस आजादी पर उठे प्रश्नचिन्ह की जांच के लिए पे्रस काउंसिल आफ इंडिया :पीसीआई: द्वारा गठित किए गए तीन सदस्यीय पैनल के समक्ष आज पटना में 36 मीडियाकर्मी और छोटे अखबारों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए और अपनी बातें रखी। पीसीआई के उक्त पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार अरूण कुमार ने बताया कि राजग सरकार के शासनकाल में पे्रस आजादी पर उठे प्रश्नचिन्ह की जांच के लिए गठित किए गए एमसीआई के पैनल के समक्ष आज प्रथम दिन 36 मीडियाकर्मी और छोटे अखबारों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए और अपनी बातें रखी।
उन्होंने कहा कि पैनल द्वारा मीडियाकर्मियों की शिकायतों को कल भी सुना जाएगा और आने वाले दिनों में वे राज्य के प्रमंडलीय मुख्यालयों में भी जाकर मीडियाकर्मियों की शिकायत सुनेंगे। गत 24 फरवरी को पटना विश्वविद्यालय में एक संगोष्ठि में भाग लेते हुए पीसीआई के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्केंडय काट्जू ने कहा था कि बिहार की मीडिया के बारे में उन्हें जो जानकारी मिली है वह अच्छी नहीं है, जो यहां हो रहा है वह ठीक नहीं है और प्रेस की आजादी के खिलाफ है, इसकी सच्चाई जानने के लिए पीसीआई की एक टीम यहां भेजी जाएगी। पीसीआई अध्यक्ष ने बिहार में प्रेस की आजादी की सच्चाई की जांच के लिए पत्रकार राजीव रंजन नाग की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया था।





