आलोक मेहता के नए अखबार नेशनल दुनिया को लांच हुए अभी एक सप्ताह भी नहीं बीते हैं कि शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है. इस नए अखबार का प्रकाशन मंडी हाउस के पास स्थित ह्वाइट हाउस के तीसरे तल से किया जा रहा है. यह इलाका पूरी तरह रेजिडेंसियल इलाका है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार रेजिडेंसियल एरिया में किसी भी तरह की व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सकता है. इस इलाके के कई लोग इसी आधार पर एनडीएमसी से शिकायत की है.
उल्लेखनीय है कि आलोक मेहता एंड कंपनी इससे पहले नईदुनिया अखबार से जुड़ी हुई थी. जिसका प्रकाशन कनॉट प्लेस के कामर्शियल इलाके से किया जा रहा था. जागरण द्वारा इस अखबार का अधिग्रहण किए जाने के बाद आलोक मेहता ने नेशनल दुनिया नाम से एक नए अखबार का प्रकाशन शुरू किया है तथा नईदुनिया की पूरी टीम को इस अखबार से जोड़ लिया. इसके बाद नईदुनिया के ऑफिस को छोड़कर नेशनल दुनिया की पूरी टीम मंडी हाउस के पास स्थिति ह्वाइट हाउस बिल्डिंग में शिफ्ट हो गई. यहीं से अखबार का प्रकाशन शुरू किया गया है.
एनडीएमसी से शिकायत करने वालों का कहना है कि कुछ कद्दावर कांग्रेसी नेताओं तथा मंत्रियों का पैसा लगा होने के चलते ही नेशनल दुनिया की टीम को रेजिडेंसियल इलाके में भवन उपलब्ध करा दिया गया. अखबार की टीम सुप्रीम कोर्ट के बगल में ही कामर्शियल गतिविधियां संचालित करके उसके आदेशों की धज्जियां उड़ा रही है. एनडीएमसी से शिकायत करने वालों ने जल्द से जल्द अखबार के कार्यालय को रेजिडेंसियल इलाके से हटाने को कहा है. उनका आरोप है कि कामर्शियल गतिविधियां संचालित होने से उन्हें परेशानी हो रही है.





