Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

अखबार लोकार्पण के दौरान ममता की चेतावनी : अपनी हद में रहे मीडिया

कोलकाता : अखबारों पर सरकारी फरमान को लेकर सरकार की हो रही किरकिरी से विचलित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चेतावनी भरे स्वर में मीडिया को अपनी हद में रहने की नसीहत दी. उन्होंने अखबारों के लिये एक लक्ष्मण रेखा भी खींच दी. कहा कि मीडिया अपनी सीमा से बाहर न जाये. मजे की बात यह है कि मुख्यमंत्री ने यह चेतावनी नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक ऐसे कार्यक्रम में दिया जिसमें एक ऐसे समाचार पत्र का लोकार्पण किया गया जिसे प्रकाशित होने से पहले ही सरकारी पुस्तकालयों में रखने का फरमान जारी कर दिया गया था.

कोलकाता : अखबारों पर सरकारी फरमान को लेकर सरकार की हो रही किरकिरी से विचलित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चेतावनी भरे स्वर में मीडिया को अपनी हद में रहने की नसीहत दी. उन्होंने अखबारों के लिये एक लक्ष्मण रेखा भी खींच दी. कहा कि मीडिया अपनी सीमा से बाहर न जाये. मजे की बात यह है कि मुख्यमंत्री ने यह चेतावनी नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक ऐसे कार्यक्रम में दिया जिसमें एक ऐसे समाचार पत्र का लोकार्पण किया गया जिसे प्रकाशित होने से पहले ही सरकारी पुस्तकालयों में रखने का फरमान जारी कर दिया गया था.

समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उनसे कोई गलती होती है, तो वह जनता के समक्ष माफी मांगने के लिए तैयार हैं. लोकतंत्र में सबसे ऊंचा स्थान जनता का ही है. उन्होंने कहा कि साजिश के तहत मीडिया में गलत बातें प्रचारित की जा रही हैं. मीडिया की भी अपनी सीमाएं हैं. उसे इस दायरे में ही रहना चाहिये. सुश्री बनर्जी ने कहा कि किसे सरकारी सूची में शामिल किया जायेगा और किसे नहीं किया जायेगा, इसका निर्णय सरकार करेगी. आईपीएस दयमंती सेन के तबादले पर कहा कि यह सरकार का अधिकार है कि वह किस अधिकारी को कौन सा दायित्व सौंपे.

क्या है मामला : राज्य सरकार ने पुस्तकालयों में सरकार का समर्थन करने वाले अखबारों को ही रखने का फरमान जारी किया है. पहले पुस्तकालयों में रखने के लिए आठ अखबारों की सूची जारी की गयी. फिर इसका विस्तार कर सूची में पांच और अखबारों को शामिल कर लिया गया. लेकिन अब भी इस सूची से प्रतिष्ठित और व्यापक प्रसार वाले समाचार पत्रों को अलग रखा गया है. इधर, ममता बनर्जी ने कहा है कि पुस्तकालयों में रखे जाने वाले व सरकारी विज्ञापन पाने वाले अखबारों की सूची में अब किसी अन्य को शामिल नहीं किया जायेगा. सरकार फैसले से पीछे नहीं हटेगी. साभार : प्रभात खबर

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...