बनारस के सभी बड़े अखबार मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं, बातचीत जारी रहने की बात कर रहे हैं वहीं जागरण को आपत्ति है कि हम मजीठिया वेज बोर्ड लागू करें या न करें इसमें यूनियन का क्या काम है. ये किस हक से अखबार के खिलाफ कम्पलेन कर रहे हैं, जबकि हमारे अखबार का एक भी पत्रकार इस संगठन का सदस्य नहीं है. जागरण के आब्जेक्शन पर डिप्टी लेबर कमिश्नर ने कई अखबारों के पत्रकारों को अंतरिम तथा वेज बोर्ड दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्ता पप्पू तथा कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अजय मुखर्जी दादा से कैफियत पूछी है.
उल्लेखनीय है कि पिछले माह बनारस के डिप्टी लेबर कमिश्नर एके राय ने केंद्रीय सचिव डा. मृत्युंजय सारंगी के पत्र का हवाला देते हुए 20 मार्च तक बनारस के सभी बड़े अखबारों को मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के संबंध में की कई कार्रवाई का रिपोर्ट देने को कहा था. इस सुनवाई में अमर उजाला, हिंदुस्तान, आज, राष्ट्रीय सहारा तथा दैनिक जागरण के लोग पहुंचे थे. अन्य अखबार के लोगों ने डिप्टी लेबर कमिश्नर को जानकारी दी कि संस्थान में बातचीत चल रही है. सारी चीजें प्रक्रिया में हैं. इसको लागू करने को लेकर प्रबंधन रणनीति बना रहा है.
पर दैनिक जागरण, कानपुर से पहुंचे एचआरडी मैनेजर मनोज दुबे ने मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने की रिपोर्ट जमा करने की बजाय यूनियन के हस्तक्षेप पर ही सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि हमारे अखबार का एक भी पत्रकार इन संगठनों का सदस्य नहीं है फिर किस आधार पर ये संगठन दैनिक जागरण में मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने की लड़ाई लड़ रहे हैं. आखिर इनका रोल क्या है. मनोज दुबे ने रिट की कॉपी के साथ आब्जेक्शन भी लगाया है. जब सुप्रीम कोर्ट से कोई आदेश नहीं है तो फिर ये लोग क्यों मजीठिया वेज बोर्ड के लिए लड़ रहे हैं.
दैनिक जागरण के एचआरडी मैनेजर के आब्जेक्शन के बाद एके राय ने योगेश गुप्ता पप्पू तथा अजय मुखर्जी दादा से कैफियत पूछी कि वो किसी आधार पर यह लड़ाई लड़ रहे हैं. इसके लिए आगामी 12 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई है. इस दिन सभी पक्षों की सुनवाई होगी. उल्लेखनीय है कि दैनिक जागरण प्रबंधन ने कर्मचारियों के लिए तीस प्रतिशत अंतरिम लागू करने की लड़ाई के दौरान ही अपने पत्रकारों से काशी पत्रकार संघ की सदस्यता से इस्तीफा दिलावा दिया था.
इस मामले में और अधिक जानकारी के लिए इन लिंकों पर क्लिक कर सकते हैं –
बनारस में हस्ताक्षर का मामला अपर श्रमायुक्त के पास पहुंचा, हड़कम्प
जागरण, बनारस : चीफ सब एडिटर करेंगे जिले में नौकरी, राजाराम का हस्ताक्षर से इनकार
श्रम विभाग का नोटिस-नोटिस का खेल जारी, अबकी भी जागरण से नहीं पहुंचा कोई
जागरण प्रबंधन बोला- हम तो स्वेच्छा से हस्ताक्षर करा रहे हैं, जबरदस्ती नहीं
मजीठिया लागू न करने की शिकायत पर अखबारों को नोटिस
बनारस के अखबारों को 20 मार्च तक जमा करना होगा मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने की रिपोर्ट





