दैनिक जागरण, व़ाराणसी के न्यूज एडिटर राघवेंद्र चड्ढा का ट्रांसफर कानपुर किया था। खबर है कि उन्हें कानपुर में इनपुट इंचार्ज बनाया गया है। बनारस में संपादकीय प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। जागरण प्रबंधन इस वक्त जोर शोर से लोगों को इधर से उधर करने पर तुला है, जिसकी मुख्य वजह एक जगह पर वर्षों से टिके पत्रकारों का वर्चस्व को तोड़ना है। इसी क्रम में कानपुर और लखनऊ में भी कई पत्रकारों को इधर-उधर किया गया है।
जागरण प्रबंधन उन्हें यह बताना चाहता है कि मार्केट में उनकी पहचान जागरण की वजह से है ना कि उनके अपने संबंधों की वजह से, जिसे लेकर जागरण के वरिष्ठ पत्रकारों में काफी रोष है और वह जल्द ही कोई कठोर फैसला लेने के मूड में हैं। जागरण की साख दिन पर दिन उनके कर्मचारियों और पत्रकारों में गिरती जा रही है और यही कारण है कि कोई भी नया पत्रकार इनसे जुड़ने में रुचि नहीं दिखा रहा है, लेकिन जागरण प्रबंधन को यह बात समझ नहीं आ रही।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





