इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व महासचिव अन्ना दुरई की दो याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि वे इस मामले का निपटारा अपने स्तर से एक सप्ताह के अंदर करें. अन्ना ने प्रेस क्लब के बाइलाज में संशोधन तथा अपनी सदस्यता समाप्त किए जाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी तथा इन निर्णय पर स्थगन आदेश देने की मांग की थी. मामले को सुनने के बाद जस्टिस केके लोहाटी ने स्थगन आदेश देने से इनकार करते हुए रजिस्ट्रार को सुनवाई करने का आदेश दिया.
उल्लेखनीय है कि इंदौर प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमेटी ने संस्था की गरिमा गिराने तथा अनुशासनहीनता के मामले में क्लब के महासचिव अन्नादुराई की प्राथमिक सदस्यता को पिछले साल मई में समाप्त कर दी थी. मैनेजिंग कमेटी ने अन्ना दुरई पर कार्रवाई करने से पहले उन्हें बीते साल 27 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब देने के लिए पन्द्रह दिन की समय सीमा निर्धारित की थी, परन्तु अन्ना दुरई ने अपना पक्ष किसी भी तरीके से नहीं रखा, जिसके बाद उन्हें 13 मई को महासचिव पद से हटाते हुए सदस्यता समाप्त कर दी गई थी.
अन्ना दुरई को हटाने के बाद बाइलाज के अनुसार कमेटी ने खाली पड़े महासचिव पद पर तपेंद्र सुगंधे की नियुक्ति कार्यवाहक महासचिव के रूप में कर दी थी. सुगंधे का कार्यकाल इस साल मई में समाप्त होगा. मैनेजिंग कमेटी ने प्रेस क्लब के बाइलाज में भी संसोधन किया था, जिससे अन्ना दुरई नाराज थे. इन्हीं दोनों मामलों को लेकर अन्ना दुरई पहले रजिस्ट्रार के पास पहुंचे थे, परन्तु रजिस्ट्रार ने उनका अध्यावेदन सुनने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वे कोर्ट चले गए.





