सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है. यह पत्र मनोज कुमार यादव, रिपोर्टर / सीनियर आफिस वर्कर, रिपोर्टिंग डिपार्टमेंट, सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन, आगरा को संबोधित है. इस सस्पेंसन आर्डर में कहा गया है कि आपकी सर्विस इमीडिएट इफेक्ट से सस्पेंड की जाती है. वजह बताया गया है मिसकंडक्ट. मनोज को एसआईएमसी, नोएडा के साथ अटैच कर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि मनोज यादव पर कई तरह के आरोप हैं. वे कई तरह के धंधों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है.
दो साल पहले रमेश अवस्थी जब ब्यूरो चीफ हुआ करते थे तो उनके आशीर्वाद से मनोज यादव को प्रमोशन मिला. देखते ही देखते मनोज काफी लंबी लंबी डील करने लगे. स्वतंत्र मिश्रा आए तो मनोज ने पाला बदला और उनके साथ हो लिए. बताया जाता है कि बारह से पंद्रह हजार रुपये की सेलरी पाना वाला यह शख्स चार चार कारें मेंटेन करता है. एटा निवासी मनोज यादव को लोग अब करोड़पति कहते हैं. अपना खुद का मकान बनवा लिया, एक इंटर कालेज भी संचालित करते हैं ये जनाब. मनोज की कई शिकायतें सहारा मुख्यालय तक पहुंचीं तो जांच बैठ गई. विज्ञापन का पैसा दबाने की भी शिकायत थी. अपने कई रिश्तेदारों को भी सहारा में नौकरियां दिलवा दी हैं. फिलहाल कई लोग मनोज के लिए लाबिंग कर रहे हैं कि वे फिर से आगरा जाकर काम संभाल लें, वहीं उनसे पीड़ित लोग मनोज को पूरी तरह सहारा से बाहर कराने की फिराक में हैं.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





