: यूपी के शिकोहाबाद की घटना : जनपद फिरोजाबाद के पत्रकारों को उस समय शर्मसार होना पड़ा जब जिला आबकारी अधिकारी बी. एन. मिश्रा ने सचल दल के साथ शिकोहाबाद के घिहार कालोनी स्थित पत्रकार दिनेश बैजल के घर पर छापा मार कर अवैध शराब का जखीरा पकड़ा. मौके पर पत्रकार का भाई पकड़ा गया जिसकी धुनाई सरकारी कर्मियों ने शुरू कर दी. जिला आबकारी अधिकारी ने कवरेज के लिए अमर उजाला समेत कई अखबारों के ब्यूरो चीफों को फोन किया.
थोड़ी ही देर में अमर उजाला की तरफ से कवरेज के लिए पत्रकार दिनेश बैजल पहुंचे तो उन्होंने अपने भाई को पिटते देख तुरंत कहा कि ये मेरे भाई हैं, इन्हें छोड़ दिया जाए. यह सुन सरकारी कर्मी अवाक रह गए. बात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तक पहुंच गई. कई सारे विभागों के लोग एकत्र हो गए. सरकारी अफसरों और कर्मियों ने पहले आरोपियों को कोतवाली में बन्द कराने की तैयारी की थी लेकिन मामला पत्रकार के भाई का निकलने और पत्रकार द्वारा गुहार लगाने पर आबकारी अधिकारी ने आरोपी को पीट-पाट और लानत-मलानत करने के बाद छोड़ दिया.
लोगों का यह भी कहना है कि देह के अवैध धंधे का संचालन भी पत्रकार के भाई के ही संरक्षण में होता है. देह की धंधे में लिप्तत सरगना अनारकली के बारे में बताया जा रहा है कि वह छापा पड़ने से पहले ही भाग गयी. पत्रकार का भाई भले छूट गया लेकिन उसने अपने बदले तीन गुर्गे पेश कर दिए. ऐसा इसलिए क्योंकि बरामद माल के साथ किसी ना किसी का तो चालान करना था. इस कारण पत्रकार साहब और उनके आरोपी भाई ने पकड़े माल के साथ चालान करने के लिए आबकारी पुलिस को तीन गुर्गे पेश कर दिए.
कहा जाता है कि शिकोहाबाद में इन महाशय के संरक्षण में फल फूल रहे इस धन्धे से कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है. इस घटना के बाद समाज में हो रही चर्चा से पत्रकारिता जगत को काफी शर्मसार होना पड़ रहा है. इस सूचना के साथ जिला आबकारी अधिकारी और एक पत्रकार के बीच बातचीत की आडियो क्लिपिंग है जिससे घटना के बारे में सब कुछ पता चल जाएगा.
ये रहे आडियो टेप, क्लिक करके सुनें.. वाल्यूम फुल कर लें…





