एक गैर सरकार संगठन एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन इंडिया ने अमर उजाला के खिलाफ अभियान शुरू किया है। संस्था ने लखनपुर के सेल टैक्स कमिश्नर को आरटीआई डालकर कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि संस्था ने यह आरटीआई अखबार द्वारा टैक्स चोरी के किसी मामले की जानकारी होने के बाद डाला है। सेल टैक्स के डिप्टी कमिश्नर से सन 2005 से लेकर 2010 तक की जानकारी मांगी गई है। इस मामले को कोर्ट में भी ले जाने की तैयारी की जा रही है।
आरोप के अनुसार अमर उजाला के जम्मू यूनिट में पिछले पांच सालों में जो सामान आया तथा गया है, वह गैर कानूनी तरीके से आया है। इसका छोटा सा कारण यह था कि संस्थान ने अपनी कागजी कार्रवाई पूरी नहीं की थी। अगर कागजी कार्रवाई करके हर सामान को लाया जाता तो हर माह लाखों रुपये सेल्स टैक्स विभाग को टैक्स के रुप में देना पड़ता। लेकिन स्थानीय प्रबंधन ने सरकारी विभाग के अधिकारियों से मिलकर सामान का अदान प्रदान किया है। अगर पांच सालों के रिकार्ड को देखा जाए तो कई करोड़ रुपये का माल आया है। जिसमें मशीनें, कागज, इंक तथा हर प्रकार का सामान शामिल है। जो कि बाहर से राज्य के कार्यालयों में आया है। बताया जा रहा है कि पांच सालों में उस सामान पर करीब आठ करोड़ रुपये के टैक्स को चुराया गया है। इसकी जानकारी होने के बाद ही संस्था ने आरटीआई दाखिल कर जानकारी मांगी है।
आरटीआई डीसी कर्मिश्यल टैक्स चैक पोस्ट लखनपुर तथा डीसी टोल पोस्ट लखनपुर को दी गई है। जिसमें हर साल का पूरा डाटा देने के लिए कहा गया है। आरटीआई में पूछा गया है कि अमर उजाला के कितने वाहन आए और कितने पैसे टैक्स लिया गया। बताया जा रहा है कि इस संस्था के पास अमर उजाला में पांच साल में आए ज्यादातर सामान का रिकार्ड है। जिससे साफ पता चलता है कि करोड़ों का टैक्स चुराया गया है। लेकिन संस्था ने इस बारे में आरटीआई लगाकर आधिकारिक जवाब मांगा है। उसके बाद दोनों तरफ के रिकार्ड को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में बात यूनिट पर भी आ सकती है। उसके अलावा सरकारी विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। जिन्होंने बाहर से ही पैसे लेकर हर बार दो नंबर में माल को पार करवाया है।






