एक मेल के जरिए एक सहाराइट ने उपेंद्र राय की वापसी के बाद प्रमुख लोगों की होने वाली ताजपोशी को लेकर कयास, कानाफूसी, स्पेकुलेशन टाइप का लिखकर भेजा है. इस मेल में कई दावे किए गए हैं. कहा गया है कि स्वतंत्र मिश्र युग में शंट किए गए लोगों को गिफ्ट देने की तैयारी पूरी हो चुकी है. रजनीकांत पिछली बार नेशनल चैनल के हेड थे, इस बार उन्हें सहारा मुंबई का हेड बनाया जा रहा है. वहीं बिहार-झारखंड चैनल देख रहे प्रबुद्ध राज को नेशनल चैनल का हेड, संतोष राज को बिहार-झारखंड का हेड, राजेश कौशिक को यूपी से हटा कर एनसीआर चैनल का हेड, अनिल राय को यूपी चैनल का हेड और भूतपूर्व एसाइनमेंट हेड दुर्गेश उपाध्याय को सहारा के न्यूज साइट का हेड बनाने का फैसला हो चुका है.
इस फैसले पर रबर स्टांप बन कर रह गए स्वतंत्र मिश्र के दस्तखत होने बाकी हैं. मनोज मनु का पर कतरा जाना तय है. उनसे नेशनल छीन कर उन्हें एमपी तक सीमित रखा गया है. संतोष राज अगर बिहार-झारखंड चैनल देखेंगे तो उनके बदले प्रोग्रामिंग का काम रंजन देख सकते हैं. वेब पोर्टल के मौजूदा इन्चार्ज आलोक कुमार के उपर दुर्गेश उपाध्याय को बिठाने की चर्चा है. नेशनल आउटपुट में बदलाव की खबर फैल चुकी है. एनसीआर की मौजूदा हेड पूनम को क्या नई जिम्मेदारी दी जाएगी, यह पता नहीं चल पाया है. संभव है, वे पहले की तरह रिपोर्टिंग का काम संभाल लें. कुल मिलाकर सहारा के रंगमंच पर नाटक सतत जारी है. पात्र बदले जा रहे हैं. भूमिकाएं बदली जा रही हैं. कुछ नेपथ्य में चले गए है.. पर पर्दा नहीं गिरा है..






