Dilnawaz Pasha : शर्म है आती है उन संपादकों पर जो दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा के एमएमएस पर महीनों तक खबरें चला सकते हैं लेकिन सिंघवी के सेक्स कांड पर खामोश हैं। ऐसा लगता है कि इस देश में कानून सिर्फ नेताओं के लिए ही हैं। देश में हजारों लड़कियों का जीवन अश्लील वीडियो बर्बाद कर देते हैं…खबरें बनती हैं.. टीआरपी मिलती हैं.. लेकिन जब आज एक बड़े नेता की सीडी आई है तो सब खामोश..
Kaushi Singh : yahi hota hai sir… 1 होने वाले संपादक के शब्दों में… ये 'चैनल' मेरे बाप का नहीं है…
नितिन यादव ~!!~ खबर तुम कितनी आम हो, ताकतवर की गुलाम हो !!
तुम चैनलों की दूकान हो, नेता के हरम में शुमार हो !!
खबर ए खबर, तुम तो अब बाज़ारवाद की पहिचान हो !! 🙁
Riyaz Journalist : sab chor hai
Amitesh Prakash : desh ki durdasha ke liye hr insan jimmewar hai. aam aadmi n suni jaati hai or jo suna skta hai wo to khamosh ho gaya hai.
Sandeep Bhute : bhai hamare des me imandaro ko goli aur baimane ko maidal milta hai
Nidhi Jain : dats d sad but reality of our country
Pankaj Singh : they r waiting for fire in their home….
दिलनवाज पाशा के फेसबुक वाल से साभार.





