: कोतवाल ने भी पत्रकारों से की अभद्रता : प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज, कोतवाल होगा लाइन हाजिर : चंदौली जिले में सच लिखना अब पत्रकारों के लिए भारी पड़ता जा रहा है. खबर पता करने एक कॉलेज में पहुंचे अमर उजाला के पत्रकार को प्राचार्य तथा उनके गुर्गों ने पहले मारा पीटा तथा बंधक बनाया लिया. सूचना मिलने पर पहुंचे कोतवाल ने भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पत्रकारों को ही अपशब्द कहा, जिससे नाराज पत्रकार प्राचार्य तथा कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए. खबर है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद पत्रकार शांत हुए. प्राचार्य के खिलाफ पत्रकार ने मामला दर्ज करा दिया है.
चंदौली के सकलडीहा में स्थित पीजी कॉलेज में शनिवार को भूगोल की परीक्षा थी. परीक्षा में भूगोल का पेपर सिलेबस से बाहर का आ गया, जिसको लेकर छात्र हो हल्ला मचाने लगे. सूचना मिलने पर अमर उजाला के स्थानीय प्रतिनिधि मृत्युंजय सिंह घटना की जानकारी लेने डिग्री कॉलेज पहुंच गए. उनको देखते ही प्राचार्य ने अपने सहयोगियों के साथ पकड़वा लिया तथा मारपीट शुरू कर दी. बताया जा रहा है प्राचार्य अखबार में पहले छपी किसी खबर के चलते पत्रकार से नाराज चल रहे थे. मृत्युंजय से मारपीट करने के बाद उन्हें बंधक भी बना लिया गया. किसी तरह मृत्युंजय ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी अन्य पत्रकारों को दी. सूचना मिलते ही पत्रकार डिग्री कॉलेज पहुंचने लगे तथा पुलिस को भी सूचित किया.
मौके पर पहुंचा सकलडीहा का कोतवाल मदन मोहन पाण्डेय पत्रकार से मारपीट करने वाले आरोपियों को पकड़ने की बजाय पत्रकार को अपशब्द बोलने लगा. कोतवाल की हरामखोरी से पत्रकार भड़क गए तथा वहीं धरने पर बैठ गए. सूचना मिलने के बाद जिले भर के प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े पत्रकार सकलडीहा पहुंचे. जिले के दो निर्दल विधायक सुशील सिंह एवं मनोज सिंह भी मौके पर पहुंच कर पत्रकारों के साथ धरने पर बैठ गए. सूचना मिलने पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. पत्रकारों ने कोतवाल के निलंबन तथा प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की.

एसपी के जिले में मौजूद नहीं रहने पर सीओ ने कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई करने से हाथ खड़ा कर लिया, पर पत्रकारों का दबाव लगातार बढ़ने के बाद उन्होंने अपने वरिष्ठों से बात करके कोतवाल को लाइन हाजिए किए जाने का आश्वासन दिया तथा भुक्तभोगी पत्रकार को लिखित तहरीर देने को कहा. मृत्युंजय की शिकायत पर प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. इसके बाद पत्रकारों ने अपना धरना समाप्त किया. हालांकि इस घटना के बाद से पत्रकारों में रोष व्याप्त है. धरना का नेतृत्व उपजा जिलाध्यक्ष विनय वर्मा ने किया.
इस दौरान दैनिक जागरण के ब्यूरोचीफ रत्नाकर दीक्षित, अमर उजाला के प्रभारी मिथिलेश दुबे समेत नियाज खान, लल्लू सिंह राही, अजय चित्रांशी, दीपक सिंह, एमएम रहमान, उदय गुप्ता, शशांक पाण्डेय, अबुल कैस खान, राजीव गुप्ता, डीके सिंह, अरविंद पटवा, संतोष सिंह यादव, श्रवण राय, सूरज सिंह, देवेंद्र सिंह यादव, जेपी रावत, कुलदीप चौधरी, संदीप कुमार, जयराम राय, अमित द्विवेदी समेत जिले के तमाम पत्रकार मौजूद रहे.






