पटना में हिंदुस्तान के दो पत्रकारों के साथ कुछ लोगों ने गेट के सामने बदतमीजी और हाथापाई करने की कोशिश की. बाद में अन्य लोगों के आ जाने पर वे लोग चले गए. घटना के पीछे पैसे का लेन देन बताया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि हिंदुस्तान पटना में कार्यरत अवधेश पाण्डेय के भाई के ऊपर मोबाइल टावर लगावने वाले कुछ लोगों का पैसा बकाया था, जो वे दे नहीं रहे थे. उसी को खोजते-खोजते ये लोग हिंदुस्तान, पटना कार्यालय पहुंच गए.
बताया जा रहा है कि इन लोगों ने अवधेश पाण्डेय को गेट पर नीचे बुलाया तो इनके साथ गंगेश श्रीवास्तव भी नीचे चले आए. दोनों पत्रकार बात कर ही रहे थे कि आए लोग उग्र हो गए तथा इनलोगों से बदतमीजी शुरू कर दी. कुछ प्रत्यक्षदशियों का कहना है कि इन लोगों के साथ हाथापाई की भी कोशिश की गई. कुछ दूसरे सहकर्मियों के विरोध के बाद बदतमीजी करने वाले चले गए. इस संदर्भ में जब गंगेश श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना नहीं थी. इसे आप नोंक झोंक कह सकते हैं. जब अवधेश पाण्डेय को फोन किया गया तो उनका फोन नॉट रिचेबल बताता रहा.






