टीम अन्ना की जासूसी टीम अन्ना का ही एक आदमी कर रहा था. इसका खुलासा आज कोर कमेटी की बैठक के दौरान हो गया. टीम अन्ना ने अपने सदस्य मुफ्ती शहमीम काजमी को बैठक की कार्यवाही की रिकार्डिंग करने के आरोप में टीम से बाहर निकाल दिया. उधर काजमी ने राजनीति खेल दिया है और दावा किया कि वह आंदोलन से इसलिए अलग हो रहे हैं क्योंकि आंदोलन मुस्लिम विरोधी होता जा रहा है. आखिर उनके पास कहने के लिए और बचा भी क्या था.
अन्ना हजारे की उपस्थिति में आज दोपहर हुई बैठक से काजमी बाहर आये और बैठक स्थल के बाहर उन्होंने मीडिया के समक्ष अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने कहा कि आंदोलन मुस्लिम विरोधी बनता जा रहा है तथा उसमें उनके लिए कोई जगह नहीं रह गयी है. उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे कुछ प्रमुख कार्यकर्ता सभी चीजों को ‘‘तानाशाह’’ की तरह स्वयं चला रहे हैं.
काजमी ने कहा, मैं टीम अन्ना की कोर कमेटी में एकमात्र मुस्लिम सदस्य था और अब मैं इससे बाहर आ गया हूं. वे नहीं चाहते इसमें मुस्लिम रहें. बहरहाल, उनकी इस घोषणा के बाद टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास और शाजिया इल्मी ने आरोप लगाया कि काजमी को समूह से निकाल दिया गया क्योंकि उन्हें अपने मोबाइल फोन पर कार्यवाही की आडियो रिकार्डिंग करते हुए पाया गया.
टीम अन्ना के सूत्रों ने कहा कि वह ‘‘गुप्त’’ रूप से कार्यवाही की रिकार्डिंग कर रहे थे तथा जब उनसे पूछा गया कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं तो वह अचानक खड़े हो गये और बाहर चले गये. सूत्रों ने कहा कि उनका मानना है कि काजमी आडियो रिकार्डिंग कुछ पत्रकारों को भेजने वाले थे. शाजिया और कुमार ने कहा, यह विश्वास हनन है. टीम अन्ना ने उनसे बाहर जाने को कहा था. काजमी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल एक तानाशाह की तरह बर्ताव कर रहे हैं.
काजमी ने दावा किया, मैं आंदोलन में शुरुआत से ही जुड़ा हुआ हूं. अन्ना अच्छे आदमी हैं. केजरीवाल और सिसोदिया अपने निजी मकसद के लिए अन्ना हजारे का इस्तेमाल कर रहे हैं. बाबा रामदेव और अन्ना हजारे के बीच शुक्रवार को हुई बैठक के बाद हजारे को संवाददाता सम्मेलन में बोलने के लिए मजबूर किये जाने के तरीके पर टीम अन्ना द्वारा असहमति जताये जाने की पृष्ठभूमि में कोर कमेटी की आज बैठक हुई.
यह पूछे जाने पर कि क्या वह टीम अन्ना के बाबा रामदेव के साथ आने से नाराज हैं, काजमी ने कहा कि वह योग गुरु का सहयोग लेने के खिलाफ नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया, मुझे रामदेव से कोई समस्या नहीं है. लेकिन केजरीवाल और सिसोदिया उन्हें नहीं चाहते क्योंकि यदि वह (योगगुरू) साथ आ गये तो उनका महत्व खत्म हो जायेगा. वह नहीं चाहते कि ऐसा हो. इससे पूर्व स्वामी अग्निवेश पर टीम अन्ना छोड़ना पड़ा था क्योंकि उन्हें एक वीडियो क्लिपिंग में कथित तौर पर हजारे के खिलाफ बोलते हुए दिखाया गया था. पूर्व में दो कार्यकर्ता पी वी राजगोपाल और राजिन्दर सिंह ने भी टीम अन्ना को छोड़ दिया था क्योंकि वे निर्णय लेने के तरीकों से खिन्न थे.





