: ब्यूरोचीफ नरेंद्र सिंह समेत कई पत्रकार एसपी से मिलकर जताई नाराजगी : डेहरी ऑन सोन में राष्ट्रीय सहारा का एक पत्रकार पुलिस की गुंडागर्दी का शिकार हो गया. पुलिसकर्मियों ने ना केवल पत्रकार के साथ मारपीट की बल्कि उसको फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश भी की. पत्रकार के पास मौजूद रुपये तथा सोने की सिकड़ी भी छीने जाने का आरोप है. पत्रकार ने एसडीजीएम कोर्ट में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ याचिका दायर किया है.
राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार अखिलेश सिंह मंगलवार की रात दस बजे एक शादी समारोह में शामिल होने डेहरी ऑन सोन से डालमिया नगर जा रहे थे. उनको रास्ते में जक्खी बीघा पुल के समीप एक परिचित मिल गए. वह कार से निकलकर उनसे बात कर ही रहे थे कि डेहरी थाना प्रभारी सहित दरोगा आरके रमण और चार पुलिस कर्मियों के साथ रात्रि गस्त के दौरान आ धमके. आते ही ना तो कुछ पूछा और नहीं ही कहा बल्कि गरियाते हुए कहा कि हीरो बन रहा है. रात में हीरो बनकर घूमता है. इस पर अखिलेश ने अपना परिचय दिया कि मैं एक पत्रकार हूं और शादी में शरीक होने जा रहा हूं. इतना सुनते ही दरोगा ने आव देखा ना ताव सिपाहियों से कहा कि साला पत्रकार बनता है पीटो और इसे ले चलो थाने. इसकी हीरोगिरी निकालता हूं.
जब दरोगा के दुर्व्यवहार के बाद अखिलेश ने एसपी मनु महाराज को फोन करना चाहा तो इन लोगों उनका मोबाइल भी छीन लिया और थाने ले गए. थाने में अखिलेश के साथ बदतमीजी और मारपीट की गई. थाना प्रभारी ने सिपाहियों से कहा कि साले को हथकडी पहनाकर जेल में डाल दो. अखिलेश पर शराब पीने का आरोप भी लगाया गया तथा जबरदस्ती सरकारी अस्पताल में रात्रि को लेकर जाकर मेडिकल कराकर जबरिया शराब पीने का प्रमाण पत्र बनवाया गया. इस घटना के बाद से पत्रकारों में नाराजगी है. अखिलेश ने न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली ही है. राष्ट्रीय सहारा रोहतास जिले के ब्यूरोचीफ नरेंद्र सिंह समेत कई पत्रकार एसपी से भी मिले तथा कार्रवाई करने की मांग की. बताया जाता है कि एसपी मनु महाराज ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.





