नीचे एक तस्वीर है. लालबत्ती लगी गाड़ी में आसाराम बापू. लाल बत्ती लगाकर चलने का अधिकार किसने दे दिया आसाराम बापू को? इन स्वयंभू खुदाओं को क्या हो गया है, क्या ये देश संविधान सबसे उपर हैं… इसी गाड़ी की तस्वीर उतारते वक्त आसाराम बापू ने भदोही में एक पत्रकार थप्पड़ मार दिया था. कल्पना कर सकते हैं आप कि कोई साधु किसी को भला थप्पड़ मार सकता है… साधु का तो काम होता है साधुता के जरिए सबको जीतना… पर ये आसाराम बापू व्यापारी है, निर्मल बाबा टाइप व्यापारी… इस आसाराम बापू के मुद्दे पर फेसबुक पर Mahesh Jaiswal ने बातचीत शुरू की है.
महेश लिखते हैं- ''भदोही के पत्रकार से आसाराम द्वारा की गयी बदतमीजी को कुछ महान लोग पत्रकारों का ढोंग बता रहे हैं. अब मैं उन्हें बता देना चाहता हूँ कि आसाराम ने आगबबूला होकर क्यों ऐसा कदम उठाया. ये कार देखिये जिसमें लाल बत्ती लगी है. इसी को कवर करने पर आसाराम ने आपा खो दिया. अब आप सभी को समझ में आ ही गया होगा. यह एक ऐसा सबूत है जिसके द्वारा आसाराम के ऊपर कार्यवाही किया जा सकता है. महेश के इस स्टेटस अपडेट पर बाबा बिगडैल राम नामक कोई फेसबुक यूजर कमेंट करते हैं- ye sadhu bhesh me dusra nirmal baba hai… hindustan ka sabse bada sadhu bhesh daku……. फेसबुक के एक अन्य यूजर Ankur Tyagi का कमेंट है… nahi nahi asaram ko koi haq nahi hai laal batti lagebe ka.






