Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

काटजू के उलट अंबिका सोनी ने की मीडिया के आत्‍मनियमन की वकालत

नई दिल्ली। मीडिया के लिए आत्मनियमन के तंत्र का बचाव करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने आज कहा कि इस धीमे और सुनिश्चित तंत्र को स्थापित करने के लिए और समय की आवश्यकता है। सोनी ने एसोचैम द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उसी कार्यक्रम में प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने अपने भाषण में न्यूज मीडिया की देश में असली मुद्दों पर जोर नहीं देने के लिए जोरदार आलोचना की।

नई दिल्ली। मीडिया के लिए आत्मनियमन के तंत्र का बचाव करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने आज कहा कि इस धीमे और सुनिश्चित तंत्र को स्थापित करने के लिए और समय की आवश्यकता है। सोनी ने एसोचैम द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उसी कार्यक्रम में प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने अपने भाषण में न्यूज मीडिया की देश में असली मुद्दों पर जोर नहीं देने के लिए जोरदार आलोचना की।

काट्जू की बातों का जवाब देते हुए सोनी ने कहा, ‘‘मीडिया, केबल, टेलीविजन, सेंसर बोर्ड के लिए नियमों और नियमनों, जिन्हें संसद ने अपने विवेक से बनाया है उसके लिए शुरुआत में आत्मनियमन का मौका देना चाहिए।’’ आत्मनियमन की वकालत करते हुए सोनी ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को इस बात का फैसला करने की जिम्मेदारी दी जाती है कि क्या उसने एक घंटे का अंधविश्वास दिखाकर या अन्य अतर्कसंगत बातें दिखाकर ठीक किया है तो कहीं न कहीं उसके अंदर विवेक जगेगा।

सोनी ने कहा, ‘‘हो सकता है कि यह धीमी प्रक्रिया हो लेकिन मेरे विवेक में यह सुनिश्चित प्रक्रिया है क्योंकि हम दिलों और दिमागों को बदलेंगे और वह हमारे देश के लिए दीर्घावधि का लाभ होगा। कृपया आत्मनियमन की निंदा नहीं करें। इससे पहले इसी कार्यक्रम में काटजू ने कहा कि भारतीय मीडिया बेहद व्यावसायिक है और इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए ऊंची टीआरपी मायने रखती है। यही कारण है कि असली मुद्दों की जगह चैनल ज्योतिष दिखा रहे हैं।

काटजू ने समाचार चैनलों द्वारा स्थापित आत्मनियमन तंत्र की स्थापना की और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन या ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के पास दोषी चैनलों के खिलाफ कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐश्वर्या राय का उल्लेख करते हुए काटजू ने कहा कि उनका गर्भवती होना काफी सुर्खियां बटोरता लेकिन उनके आपत्ति जताने की वजह से ऐसा नहीं हुआ। काटजू के बाद भाषण में सोनी ने कहा कि केबल डिजिटलीकरण जैसे कदमों से टीवी पर सामग्री में सुधार होगा।

पत्रकार संजय स्‍वदेश की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...