: प्रबंधन राजीव द्विवेदी के बचाव में : काम की अधिकता और तनाव पत्रकारों की सहनशीलता को लगातार कम करती जा रही है. कलम से लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार अब हाथ-पैर भी चलाने लगे हैं. तमाम अखबारों की यूनिटों से मीडियाकर्मियों की मारपीट की खबरें आने लगी हैं. ताजा मारपीट की सूचना दैनिक जागरण, बरेली से है. पेज छोड़ने की बातचीत के बीच विवाद इतना बढ़ा कि सिटी इंचार्ज ने सिस्टम इंजीनियर पर थप्पड़ चला दिया. यह सारा वाकया संपादकीय प्रभारी अवधेश गुप्ता के सामने हुआ, परन्तु उन्होंने किसी प्रकार से बीच बचाव करने या इस बदतमीजी को रोकने की कोशिश नहीं की.
जानकारी के अनुसार बरेली, मुरादाबाद एवं हल्द्वानी के टेक्निकल (सिस्टम इंजीनियर) एरिया मैनेजर तेजेंद्र पाल सिंह बावा संपादकीय प्रभारी अवधेश गुप्ता की टेबल पर पहुंचे तथा कहा कि सर पेज जल्दी छुड़वाइए कई दिन से पेज लेट छूट रहा है. इस पर अवधेश गुप्ता ने बावा से कहा कि यह कहने का राइट आपके पास नहीं है. बावा ने कहा कि मुझे दिक्कत होती है इसलिए कह रहा हूं. कहने का राइट तो बनता ही है. इसी बीच संपादकीय प्रभारी अवधेश गुप्ता के खासमखास माने जाने वाले राजीव द्विवेदी ने बावा को वहां से हटने को कहा. बावा ने कहा कि वे नहीं जाएंगे.
इस पर बात बढ़ गई और राजीव द्विवेदी उठे और बावा को धक्का देकर वहां से हटाने की कोशिश की. इस दौरान भी अवधेश गुप्ता ने किसी को रोकने या डांटने की कोशिश नहीं की. बात-बात में ही राजीव द्विवेदी एक फिर उठे और बावा को थप्पड़ जड़ दिया. इतने में दोनों तरफ से शोर शराबा होने लगा तो न्यूज रूप में बैठे लोग भी उठकर वहां पहुंच गए तथा किसी प्रकार से मामला शांत कराया. दूसरी ओर अपने इंजीनियर से बदतमीजी की बात सुनकर प्रोडक्शन के लोग काम नहीं करने की बात करने लगे परन्तु बावा ने उन्हें ऐसा करने से रोका. इसके बाद इसकी जानकारी सीजीएम एएन सिंह को दी गई. फिलहाल किसी के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
इस संदर्भ में जब राजीव द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना होने की बात से अनभिज्ञता प्रकट किया. वहीं तेजेंद्र सिंह बावा ने विवाद होने की पुष्टि तो की लेकिन कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. संपादकीय प्रभारी अवधेश गुप्ता ने ऐसी कोई बात नहीं थी, न्यूज रूम में तो काम को लेकर नोंकझोक चलती ही रहती है. मारपीट या हाथापाई जैसी कोई घटना नहीं हुई. यह सूचना गलत है. सीजीएम एएन सिंह ने भी कोई बड़ा विवाद होने की बात को नकार दिया.





