नागपुर से एक बड़ी चर्चा सामने आ रही है. रायपुर, जबलपुर, भोपाल, नागपुर से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी के एक पुराने दैनिक द हितवाद की बिक्री की तैयारी होने की सूचना मिली है. बताया जा रहा है कि इसे मुंबई समेत कई जगहों से प्रकाशित जी समूह का अंग्रेजी दैनिक डीएनए टेकओवर करने वाला है. सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बातचीत फाइनल हो चुकी है, सिर्फ एनाउंसमेंट की औपचारिकता बाकी है. हालांकि अभी आफिसियली कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है.
द हितवाद का प्रकाशन वर्ष 1911 में शुरू हुआ और पिछले साल इस अखबार ने अपने प्रकाशन के सौ साल पूरे किए. सौ वर्षों के पूरे होने पर आयोजित किए गए समारोह का उदघाटन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने किया था. इस अखबार के मैनेजिंग एडिटर व मालिक बनवारी लाल पुरोहित हैं जो नागपुर से बीजेपी के सांसद रह चुके हैं. ब्राडशीट साइज के इस न्यूजपेपर का मुख्यालय नागपुर में है. पहले यह अखबार सर्वेंट सोसाइटी आफ इंडिया के अधीन था जिसने द हितवाद के टाइटल को पुरोहित एंड कंपनी को बेच दिया. नागपुर के बाहर इस अखबार का विस्तार बनवारी लाल पुरोहित ने किया. चर्चा है कि डीएनए इस अखबार को खरीदने के बाद भोपाल, जबलपुर, रायपुर में डीएनए में ही मर्ज कर देगा जबकि नागपुर में द हितवाद नाम से निकालता रहेगा.

जिस सोसाइटी ने इसका प्रकाशन शुरू किया था उसका कहना है कि नागपुर में इस अखबार का टाइटिल बदला नहीं जा सकता. द हितवाद की शुरुआत 1911 में नागपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले ने सर्वेंट सोसाइटी आफ इंडिया के बैनर तले की. बाद में इसे बनवारी लाल पुरोहित की कंपनी ने खरीद लिया और अभी तक इसका यही कंपनी प्रकाशन कर रही है. द हितवाद की बिक्री को लेकर डीएनए और द हितवाद, दोनों अखबारों का मैनेजमेंट फिलहाल कुछ नहीं बोल रहा है. भड़ास4मीडिया को विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही इस डील की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है.





