हिंदुस्तान, बरेली की टीम के लोगों को अखबार को पाठकों के मन लायक बनाने की टिप्स दी गई. दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार नासिर खान ने गुरुवार व शनिवार को बरेली में रूककर संपादकीय कर्मियों को अखबार का प्रजेंटेशन बेहतर करने के तरीके बताए तथा कई जानकारियां दीं. सूत्रों का कहना है कि नासिर खान ने पत्रकारों को अंग्रेजी के शब्दों का प्रयोग कम करने के साथ ही हिंदी के शब्दों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की सलाह दी.
उन्होंने मुहावरेदार और कठिन भाषा का इस्तेमाल करने से बचने को कहा. अपनी लिखी गई खबर को आम पाठक की तरह दुबारा पढ़ने की सलाह दी. उन्होंने अखबार का ले आउट तथा शीर्षक में भी तेवर देने की जानकारी दी. कई खबरों पर उन्होंने खुद शीर्षक लगाए. मीटिंग के दौरान नासिर खान ने कहा कि संपादकीय कर्मी जितना अधिक हो सके हिंदी के आसान शब्दों का प्रयोग करें ताकि आम आदमी खबर की भाषा को आसानी से समझ सके. खबरों में कठिन हिंदी या संस्कृत भाषा डालना विद्वता का परिचायक नहीं है, बल्कि ऐसे शब्द और खबरें पाठकों को अखबार से दूर करते हैं. विद्वता दिखाने के लिए संपादकीय जैसे पेज होते हैं.





