यशवंतजी, नमस्कार. सबसे पहले तो मेरी खबर को प्रकाशित करने के लिए आप को बहुत-बहुत धन्यवाद, लेकिन खबर२४ क़ी सच्चाई बताने का अब मुझे फल मिल रहा है. शनिवार की शाम चार बजकर सोलह मिनट पर मुझे ०९६५४९६९००६ नंबर से फोन आया. दूसरी तरफ खबर२४ के सीईओ श्री मनीष जी मौजूद थे. उन्होंने फोन पर मुझसे जो कुछ भी कहा वो मैं आपको बताना चाहता हूँ.
उन्होंने मुझसे कहा क़ि जो तुम्हे करना था वो तुमने कर लिया अब मेरी बारी है. तुम्हे दिल्ली में रहने नहीं दूंगा और तुम्हारा घर तक बिकवा दूंगा. तुम मीडिया में अभी इतनी बड़ी जगह नहीं पहुंचे हो जो तुमने यह सब भड़ास पर लिख दिया. साथ ही साथ उन्होंने मुझसे यह भी कहा क़ि मैं सारी बातचीत रिकार्ड कर रहा हूँ. उनका कहना था क़ि मैंने इस्तीफ़ा नहीं दिया इसलिए मुझे मेरा बकाया वेतन नहीं दिया गया. मेरा श्री मनीष जी से यह पूछना है क़ि जब मुझे ज्वानिंग लेटर ही नहीं मिला तो मैं इस्तीफ़ा किस बिनाह पर देता.
यह सारी बातचीत महज़ दो मिनट सोलह सेकण्ड में हो गई. हाँ मेरे पास इस बात के सबूत जरूर है क़ि मैंने वहां काम किया है क्यूंकि मेरी एक स्टोरी मेरे नाम से चली भी है जो मेरे फेसबुक एकाउंट में मौजूद है. मुझे सच कहने का यह सिला मिला है क़ि मुझे फोन पर धमकियाँ दी जा रही है. भविष्य में यदि मेरे साथ कुछ भी गलत होता है तो उसके जिम्मेदार श्री मनीष जी ही होंगे. बाकी मैंने सच बोला है और मुझे किसी बात का डर नहीं है. आशा है क़ि मुझे आपका सहयोग मिलता रहेगा.
धन्यवाद.
मनोज वर्मा
इस मामले को जानने के लिए नीचे दिए गए खबर को पढ़ सकते हैं –
मुझे साइटों से खबर चोरी करके अपनी साइट अपडेट करने का काम मिला





