यशवंतजी, आपके लोकप्रिय ब्लॉग भड़ास में रामनगर (नैनीताल) में बीते 4 मई को संयुक्त चिकित्सालय में हुई घटना के बावत कुछ और जानकारी देना चाहूंगा जो छपी खबर में नहीं है। पहली बात तो यह कि खबर में सी न्यूज के पत्रकार का नाम राजीव लिखा है जबकि न्यूज चैनल में रागिब खान नाम का शख्स है। राजीव स्थानीय उत्तर उजाला अखबार के पत्रकार है। जहां तक डाक्टरों द्वारा कवरेज से रोकने की बात है, दरअसल ऐसा मामला घटा ही नहीं था।
तारीख 4 मई संयुक्त चिकित्सालय में दो युवक कैमरा लिए भर्ती वार्ड में पहुंचते हैं। बेड में मरीजों की वीडियो बनाने के बाद डाक्टरों के बावत सवाल पूछना शुरू करते हैं। वह मरीजों से उपचार के नाम पर डाक्टरों द्वारा शुल्क लेने की बात कहते हुए बाइट देने को दवाब बनाते हैं। जबरन बाइट लेने को लेकर मरीजों व पत्रकारों में कहासुनी होती है। एक मरीज का तीमारदार दोनों में से एक युवक पर रुपये लेने के बावजूद वाहन नहीं छुड़ाने का खुला आरोप तक मढ़ देते है। हो हल्ला सुनकर डाक्टर मौके पर पहुंचते हैं तो पत्रकारिता का रौब दिखाते हुए यह लोग डाक्टरों से भिड़ जाते हैं। डाक्टरों पर कई तरह से गंभीर आरोप लगाने के बाद मौकेपर पहुंचे सीएमएस से भी अभद्रता करते है। हंगामा बढ़ने पर यह लोग वहां से निकलकर कोतवाली में डाक्टरों के खिलाफ तहरीर देते हैं।
दूसरी तरफ डाक्टर भी पुलिस को तहरीर सौंपते है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। लेकिन यहां बताना जरूरी है कि खुद को पत्रकार बताने वाले उक्त लोग न्यूज चैनल की आईडी दिखाकर लोगों को डराने धमकाने का काम करते रहे हैं। इनकी कई शिकायतें भी पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं। उनकी इन्हीं हरकतों की वजह से श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने उनको कई बार कहने के बावजूद संगठन की सदस्यता नहीं दी। जिसके बाद उन्होंने कुछ कथित पत्रकारों के साथ मिलकर दूसरा संगठन खड़ा कर दिया। आपको दोनों पक्षों द्वारा कोतवाली में दी तहरीर व अखबार में छपी खबरें भी भेज रहा हूं। उम्मीद है आप इसको भी जगह देंगे।

दैनिक जागरण

हिंदुस्तान
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.
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कवरेज कर रहे पत्रकारों से भिड़ गए डाक्टर, दोनों तरफ से पुलिस में शिकायत





