: 'सत्यमेव जयते' के लिए आमिर खान को चहुंओर से मिल रही बधाई : भ्रम होने लगा है कि अपने हिंदी टीवी चैनल मेच्योर होने लगे हैं. रविवार को स्टार प्लस पर आमिर खान का बहुप्रतीक्षित शो सत्यमेव जयते प्रसारित हुआ. पूरा देश आंखें गड़ाए देखता रहा. नाच-गाने, कामेडी और सनसनी के आदी अपने हिंदी पट्टी के दर्शकों के लिए यह एक ऐसा प्रोग्राम था जो समाज के एक कड़वे हकीकत से जुड़ा हुआ था. कन्या भ्रूण हत्या के हर पक्ष को आमिर ने अपने एपिसोड में समेटा. हिंदी पट्टी के दो पत्रकारों मीना शर्मा और श्रीपाल शक्तावत द्वारा कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सात वर्ष पहले पैसे के लोभी डाक्टरों का बड़े पैमाने पर किए गए स्टिंग आपरेशन को आमिर खान ने सराहा और इस स्टिंग के जरिए साबित हो रहे अपराध को मुकाम पर पहुंचाने की घोषणा की. दोनों पत्रकारों को कार्यक्रम में बुलाकर उन्होंने हिंदी पत्रकारों का मान बढ़ाया, साथ ही हिंदी पत्रकारिता का सबको लोहा भी मनवाया.
सत्यमेव जयते कार्यक्रम पर लोगों ने अपनी खूब प्रतिक्रिया सोशल नेटवर्किंग साइटों पर दी. ज्यादातर ने इसे सराहा और जबरदस्त कार्यक्रम बताया. उधर, रविवार की शाम एनडीटीवी पर हम लोग कार्यक्रम में रवीश कुमार ने कबीर भजन व दर्शन का गायन-पाठ मालवा के लोक गायक कालूराम बमानिया से कराया. सुन देखकर सबको बहुत अच्छा लगा. एक ही दिन में दो अदभुत कार्यक्रमों से कई लोगों को लगने लगा कि अपने हिंदी चैनल मेच्योर हो रहे लगते हैं. संभव है, यह एक नए ट्रेंड की शुरुआत हो. वैसे भी आमिर खान ट्रेंड सेटर माने जाते हैं. लीक से हटकर नया करने और उसे सफल बना देने की अदभुत क्षमता है उनमें. रवीश कुमार के अंदर जो बेहतर कंटेंट की अकुलाहट दिखती है उसके कारण न्यूज चैनलों की ढेर सारी सीमाओं के बावजूद कई बार वे अपने मन-मुताबिक बेहतरीन कर ले जाते हैं और 'हम लोग' में कबीर के गायन-दर्शन के विशेषज्ञ लोक गायक कालूराम बमानिया को बुलाकर उन्होंने कुछ ऐसा ही साबित किया. आइए देखते हैं फेसबुक पर सत्यमेव जयते को लेकर आम-ओ-खास लोगों ने अपनी क्या क्या प्रतिक्रियाएं दी हैं…
Sujeet Kumar : सत्यमेव जयते:- आमिर खान का शो बस अभी देख रहा हूँ. पता नहीं क्यूँ मुझे IBN 7 के जिंदगी लाइव की याद आ रही है जिसे ऋचा अनिरुद्ध होस्ट करती हैं. इसलिए आमिर खान के शो में मुझे कुछ भी ज्यादा नया नहीं लग रहा है. देखते हैं अगले एपिसोड में क्या होता है…?
Rahul Kumar : क्राइम पेट्रोल के बाद टीवी पर दूसरा देखने-विचारने लायक शो 'सत्यमेव जयते'. दर्दनाक. हो सकता है आपकी आँखें भी भीगी हों. मुझे बस अच्छा नहीं लगा तो वो थी आमिर की होस्टिंग. चूंकि वे सब कुछ पहले से जानते थे इसलिए उनके चेहरे पर सवाल पूछते वक्त और जवाब सुनते वक्त नैचुरल प्रतिक्रया नहीं मौजूद थी. मैं उन्हें असंवेदनशील नहीं कह रहा है, मैं कह रहा हूं कि वे यहां एक अच्छा अभिनेता नहीं हो सके… और कहीं न कहीं ये बात मुझे अच्छा महसूस करा रही है. सलाम आमिर.
Jamos Sablok : रियल्टी शो सत्यमेव जयते. लगान + रंग दे बसन्ती +3 इडियट्स+ तारे जमीन 'पर आदि आदि 'के माध्यम से सिने 'प्रेमिओं के दिलों 'पर राज करने वाले आमिर खान ने टेलीविजन के जगत में भी एक नया सुनहरा इतिहास रच दिया है| आज से टेलेकास्ट की जा रही रियल्टी शो सत्यमेव जयते ने यह साबित कर दिया है की आमिर खान का मकसद महज़ हंगामा करना नहीं वरन सूरत बदलना है |तभी उन्होंने वर्तमान समाज में बुराई के प्रतीक भ्रूण हत्या जैसे घिनोने अपराध के विरुद्ध एक सशक्त प्रस्तुति दी |इस शो में भ्रूण हत्या की बुराई + उसके कारण और प्रभाव के साथ ही उपाए भी बताये |एक मंझे हुए एंकर की भाँति स्वयम को समस्या के हल के लिए प्रस्तुत भी किया| सशक्त डायलाग डिलीवरी+टाईट स्क्रिप्ट+दर्शकों की भावनाओं के साथ साथ क्लिपिंग दिखा कर शो का सफल संचालन करते हुए एंकर ने बुराई के खिलाफ राजस्थान से शुरुआत करने को बिगुल भी बजा दिया है |
आमिर खान के इस समाजिक युद्ध में अपार सफलता मिले ऐसी मेरी कामना है।
Anant Vijay : स्टर प्लस पर आमिर का शो सत्यमेव जयते -IBN7 के शो जिंदगी लाइव के मुकाबले बेहद कमजोर है । केस स्टडी और रिसर्च भी कमजोर है । दोनों शो साइमलटेनियसली चल रहे हैं । भावनात्मक रूप से दर्द को समझना और जिसने भोगा है उसका दर्द बाहर निकलवाना सबके वश का नहीं । ऋचा आपका शो कहीं बेहतर है । कोई मुकाबला नहीं । प्रजेंटेशन में भी मजा नहीं आया सत्यमंव जयते का । सिर्फ बड़े बजट से शो अच्छा नहीं बनता
Yusuf Ansari : आज आमिर ख़ान का सत्यमेव जयते देखा। कन्या भ्रूण हत्या पर ये एक लाजवाब प्रोग्राम रहा। समाज को आइना दिखाने के लिए आमिर का तहे दिल से शुक्रिया। मुझे लगता है कन्या भ्रूण हत्या को संगीन अपराधों की फेहरिस्त मे शामिल कर इसके लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान होना चाहिए।
Abhuday Dwivedi : सत्यमेव जयते का पहला एपिसोड देखा। उम्मीद बहुत थी। लेकिन निराश हुआ। बातें ही बातें हुई। बेहतर होता कि समाधान भी दिखाते। भ्रूण हत्या के मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय या राज्य के अधिकारियों से जवाब तलब करते।
Shiv Kumar Rai : स्टार प्लस पर आमिर खान का कार्यक्रम 'सत्यमेव जयते' एक शानदार कार्यक्रम है..। भ्रूण हत्या से जुड़े मसले को जिस संजीदगी और तथ्यों के साथ दिखाया है, उसके लिए आमिर खान और उनकी पूरी रिसर्च टीम बधाई की पात्र है..। कार्यक्रम में राजस्थान के हमारे पत्रकार साथी श्रीपाल शक्तावत और मीना जी के स्टिंग ऑपरेशन को भी दिखाया गया। दुख की बात ये है कि हमारे पत्रकार साथियों की इस तरह की सराहनीय पहल को सिर्फ कुछ दिनों तक चैनल पर दिखाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। आज श्रीपाल जैसे पत्रकारों की पहल पर मीडिया को ध्यान देने की ज़रूरत है। राखी सावंत तक सिमटने वाले समाचार चैनलों को ये समझना होगा कि अगर आपकी पहल ज़ोरदार होगी तो उसे दर्शक वर्ग भी मिलेगा।
Pushkar Pushp : आमिर खान का शो सत्यमेव जयते देख रहा हूँ. सामाजिक मुद्दे पर बात हो रही है. लेकिन अबतक कुछ अलग नहीं दिखा. यदि इसमें आमिर खान नहीं होते तो कोई शो को नोटिस भी नहीं करता.
Mayank Thakore : सत्यमेव जयते देखकर पहली बार लगा कि किसी सेलिब्रिटी ने ये शो पैसे के लिए नही किया है………..और ये शायद आमिर खान ही कर सकते थे……..
Ravish Kumar : जितना दर्शकत्व को समझा है उससे यही जाना है कि बड़ा ही निष्ठूर तत्व है । सत्यमेव जयते इसलिए नहीं देखेगा कि आमिर ने बनाया है या इरादा नेक है। ग़रीबी दूर करने का एक ही जादू , दूरदृष्टि पक्का इरादा जैसे स्लोगनों की हालत देख चुका है । हाँ अगर बात में दम है, कहने के तरीके में दम है तो वह सिर आँखों पर लेगा । आमिर ने एक बड़ी चुनौती उठाई है और हमें दी भी है । मैं देख नहीं सका हूं । प्रतिक्रियाओं में आए उतार चढ़ाव के आधार पर कह रहा हूं । एक ही नाकामी समझ आ रही है । लोग आमिर के बारे में ज़्यादा बातें कर रहे हैं, कन्या भ्रूण हत्या के बारे में कम । अगर यही हकीकत है तो सत्यमेव जयते फेल । दिल पे लगेगी तभी बात बनेगी । दिल पे आमिर को नहीं लगाना था, मुद्दे को लगना था । वर्ना ग्रामीण मंत्रालय के तहत आने वाले तमाम मुद्दों के ब्रांड एंबेसडर की तरह बनकर रह जायेंगे । उम्मीद तो यही है कि सत्यमेव जयते सफल हो । पैसे की दरिद्रता का रोना रोने वाले नूझ पैनलों के दौर में आमिर के नाम पर करोड़ों रुपये लगाने का इरादा एक नई उम्मीद है । बेहतर कंटेंट पर मार हो तो लड़ाई जमेगी वर्ना इसलिए लोग प्राइमटाइम नहीं देखेंगे कि रवीश कुमार सो काॅल्ड अच्छा बंदा है बल्कि तभी देखेंगे जब इसमें दम होगा । देखने की रोचकता होगी । सत्यमेव जयते देखने के लिए बेचैन हूं । इसे चलना चाहिए । टीवी का भला होगा और कमाई भी । फिर जल्दी ही आप चिरकुट भौकालेंकरों से मुक्त हो जायेंगे । देखिये प्राइमटाइम अजय देवगन के साथ । आमिर को शुभकामनायें ।
Anuranjan Jha : Female foeticide देश की बहुत बड़ी समस्या है … अपनी क्षमता के अनुसार हम भी इसका विरोध कर रहे हैं. आमिर खान का सत्यमेव जयते देख रहा हूं … पहले एपिसोड में ही इस गंभीर मुद्दे को देखकर इस शो से उम्मीद जगती है .. आगे देखते हैं
Zafar Irshad : सलाम आमिर ख़ान..आप की सोच और जज़्बे को..सत्यमेव जयते मे आज आपने जिस प्रमुखता से लड़कियों को गर्भ मे मारने जैसे मुद्दे को उठाया वो वास्तव मे क़ाबिले तारीफ है..लानत है ऐसे लोगो पर जो लड़के की चाह मे बेटियों को मारते है..जेल भेज देना चाहिए ऐसे डाक्टरों पर जो चंद पैसों के लिए अपने पेशे को कलंकित करते हैं..आमिर आज टीवी पर अपनी पहली इंट्री मे ही साबित कर दिया की आप तमाम ख़ान और बच्चन से कहीं आगे है..आपकी सोच आपको तमाम नाचने गाने वालो की भीड़ से अलग करती हैं..एक बार फिर आपको और आपकी टीम को झुक कर सलाम…
Harishankar Shahi : आमिर खान का टीवी शो सत्यमेव जयते को एक चैनल के कार्यक्रम की नक़ल बताया जा रहा था. शुरुआत में यह ऐसा लग भी रहा था. पर जैसे जैसे शो आगे बढ़ा इसमें आज के पहले मुद्दे कन्या भ्रूण हत्या को इतने गहराई से उठाया गया और डॉ. बेदी जैसे लोगों को सामने लाकर जानकारी दी गई की कैसे जनसँख्या नियंत्रण के नाम पर सरकार ने ही इसे शुरू किया था और कैसे आज तक इस पूरे कांड में लिप्त किसी डाक्टर को कोई सजा नहीं हुई. यह सब मुद्दे के साथ कार्यक्रम काफी अच्छा बन रहा है जिसमे टीआरपी के साथ समाधान भी हैं. केवल बड़े महान अन्नाई और निर्मल बाबा वाले चैनल के महान एंकर लोग नहीं कुछ और लोग भी सामाजिक कार्यक्रम कर सकते हैं. आमिर खान को बधाई….
Mayank Saxena : सत्यमेव जयते की तारीफ और निंदा के बीच में नए और धारा के साथ नौका बदलने वाले युवा पत्रकारों की एक जमात और है, जो इस कार्यक्रम को बार बार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पहल का तमगा दे कर एक तरह से इसे मीडिया की उपलब्धि बताने का भ्रम पैदा करने में जुटा है…ये भूल रहे हैं या चालाकी से घालमेल कर रहे हैं कि न्यूज़ चैनल और मनोरंजन चैनल अलग अलग चीज़ें हैं…और ऐसे में ये कहना कि मीडिया कुछ अच्छा कर रहा है…ये धोखा देने सरीखा है क्योंकि मीडिया शब्द का आम प्रयोग अब तक समाचार माध्यमों के लिए होता रहा है…और आप सब भी करते रहे हैं…सो लोग इतने बेवकूफ नहीं हैं कि अंतर न कर पाएं…प्लीज़ स्टार प्लस की उपलब्धि को मीडिया की उपलब्धि न बताएं…आप चुपचाप टकले पंडित…दाती महाराज…तेंदुए का आंतक और सिमरन का सेक्स जाल चलाते रहें…
Anurag Punetha : श्रीपाल शक्तावत क काम को आमिर खान ने अपने पहले टीवी शो सत्यमेव जयते मे शामिल करके सराहा, 7 साल पहले मै इस जाबांज़ पत्रकार की मुहिम का छोटा सा हिस्सा था। मै नरेंदर सिहं और श्रीपाल शो के बाद…. इतने सालो में श्रीपाल ने अपने लिये इज्जत मे इजाफा ही कराया है। Really proud and feel priveledged being friend of a true Journalist.
Vinod Agrahari : सत्यमेव जयते के शुरुआती 10 मिनट वाकई दिल पर लगे… जज़्बातों के विशाल बाज़ार को भुनाने की एक सफल कोशिश।
Pankaj Shukla : सत्यमेव जयते दूरदर्शन के लिए बिल्कुल मुफीद कार्यक्रम है। सैटेलाइट चैनलों पर ऐसा कार्यक्रम लोग आईबीएन 7 पर ज़िंदगी लाइव के तौर पर देख चुके हैं। आगाज़ अच्छा है। आमिर यही कार्यक्रम स्टूडियो से बाहर निकल कर करते, तो खेल बदल सकता था। फिर भी स्टार इंडिया को बधाई कि ऐसा कार्यक्रम करने का सोचा तो। कहते हैं कि आमिर को प्रति एपीसोड तीन करोड़ रुपये मिल रहे हैं। हम भी महीने में 250-300 रुपये तो केबल या डिश का देते ही हैं। उस लिहाज से पैसा वसूल कार्यक्रम है क्या?
Shripal Shaktawat : आमिर के बुलावे पर मुम्बई गया तो आमिर और किरण राव मेरी राम कहानी सुनकर दंग रह गए.यह आमिर और किरण राव से मेरी पहली मुलाकात थी.मुझे लगा आमिर के साथ एक फोटो तो होनी ही चाहिए, पता नहीं बाद में लिफ्ट मिले न मिले.
Ajit Anjum : सत्यमेव जयते जैसा शो बनाकर जोखिम मोल लेने के लिए जितना श्रेय मैं आमिर खान को देता हूं , उतना ही स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर को भी … रेटिंग के लिए गला काट कंपीटीशन के इस दौर में उदय शंकर ने ऐसे शो को स्टार प्लस पर लांच करके कुछ अलग करने का माद्दा दिखाया है …टीआरपी मिले न मिले …रेटिंग के पैमाने पर किसी शो को हिट और फ्लाप मानने वाले लोगों की राय जाए भांड़ में …बहुतों को पता नहीं होगा, 2005 में भी उदय शंकर ने स्टार न्यूज ( तब वो स्टार न्यूज के सीईओ थे) पर सत्यमेव जयते नाम से प्राइम टाइम न्यूज शो लांच किया था …मुद्दों पर आधारित उस गंभीर शो को रेटिंग नहीं मिली …बाजार के सामने उसे हमने दम तोड़ते देखा ……हो सकता है कि इस शो के वक्त उन दस हजार घरों में टीआरपी मीटर रफ्तार न पकड़े और इस पैमाने पर सत्यमेव जयते को फ्लाप करार कर दिया जाए …लेकिन मेरी राय नहीं बदलेगी …शो में दम है …धीरे धीरे बेहतर होने की गुंजाइश है …बहस की गुंजाइश है …शो में उठाए गए मुद्दों पर बात होगी …वाद -विवाद होगा …कम से ऐसा तो नहीं होगा कि नाच गाना देखा …मनोरंजित ( शायद नया शब्द) हो लिए और आगे बढ़े …
Ajit Anjum : पहले तो लोग कहते हैं कि चैनलों पर कोई गंभीर कार्यक्रम नहीं होते …समाज को झकझोरने वाले मुद्दों पर शो नहीं बनते ..चैनलों पर सरोकार वाले शो नहीं दिखते …जब बनते हैं तो कहते हैं बहुत घिसा -पिटा था …नया क्या है ..बहुत गरिष्ठ है …अपच है ..बहुत गंभीर है …इतना बोझिल शो इंटरटेनमेंट पर कोई क्यों देखेगा …अरे भाई साहब , भ्रूण हत्या से जुड़े शो में आप दस का दम या केबीसी का मजा क्यों तलाश रहे हैं …ये तो वही बात हुई न कि पी साईनाथ के लेख में रागदरबारी या पेज थ्री का मजा खोज रहे हैं …तो फिर हिन्दू नहीं , दिल्ली टाइम्स ही पढ़िए न ….
Shripal Shaktawat : हमारे इस संघर्ष में सहभागी बनने और कन्या भ्रूण हत्या के इस अपराध की भयावहता समझने के लिए आप सभी का आभार !
मैं ग्रामीण परिवेश में जन्मा व्यक्ति कंक्रीट के इस शहर में सिर्फ संवेदनाएं तलाश रहा हूँ.गरीबी और ग़ुरबत को तो इतना करीब से जीते हैं हम ग्रामीण कि न भूख का डर सताता है और न मौत का.सच कहूं तो आज एस एम एस ,मोबाईल काल और फेसबुक के जरिये आपके संदेशों से इतना अच्छा लगा कि समाज में संवेदनाएं जिंदा नज़र आने लगी है और इस संघर्ष में सहभागी बनने का ज़ज्बा भी. मेरे हीरो आमिर खान और आमिर खान प्रोडकशंस के आभार के लिए तो मेरे पास शब्द भी नहीं,जिन्होंने बीते डेढ़ साल में न केवल मेरे पूरे परिवार के संघर्ष को समझा का अहसास कराया.बल्कि,इस चर्चित शो की शुरुआत भी इस ज्वलंत मुद्दे से की. सत्यमेव जयते !!
Ajit Anjum : सत्यमेव जयते जैसे शो के लिए आमिर को सलाम ….ऐसे शो की जरुरत थी … कम से कम ऐसे लोग तो शर्मिंदा हों जो बेटियां को दुनिया में आने से पहले मार देते हैं …कोख में कत्ल करते हैं क्योंकि उन्हें बेटा चाहिए ….और हां , ऐसे काम सासु माएं ज्यादा करती हैं और करवाती है …जो खुद भी एक मां होती है …औरतों की कंडिशनिंग ऐसी होती है कि जब वो बहु होती तो उसकी भूमिका अलग होती है ..बेटी होती है तो अलग होती है और सास होती है तो अलग होती है …हमने बचपन से अपने आस पास ऐसे माहौल को देखा है , जहां बेटा चाहिए ..बेटा ही होना चाहिए ..बेटी से वंश कैसे चलेगा ..जैसे गूंजते सवालों के बीच गर्भ में बच्चा पलता है …..
Ajit Anjum : आमिर चाहते तो वो भी दस का दम वाला पॉपुलर फार्मेट चुन सकते थे …चाहते तो गेम शो कर सकते थे …लेकिन आमिर ने ऐसा शो करने का फैसला किया है ..इसलिए वो बधाई के पात्र हैं …अब ये शो हिट हो या न हो ( तथाकथित रेटिंग के पैमाने पर ) मैं अपनी राय नहीं बदलूंगा ……सत्यमेव जयते बहुतों को अच्छा लगा होगा …बहुतों तो चलताऊ …बहुतों को ऐवैं ….कुछ साथियों ने मेरे स्टेटस के जवाब में ये भी लिखा है कि इसे रेटिंग नहीं मिलेगी …… न मिले ..लेकिन क्या उसके आधार पर आप मान लेंगे कि ऐसे शो की जरुरत नहीं …तो फिर क्या सिर्फ लोग दस का दम या नच बलिए या नाच गाने वाला ही शो देखना चाहते हैं …अगर यही सच है कि तो फिर क्यों कहते हैं कि कोई चैनल गंभीर मुद्दों को उठाने वाला शो नहीं बनाता ….मैं तो स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर को भी इसके लिए बधाई देता हूं ..जिन्होंने हर हफ्ते चार करोड़ ( शायद ) खर्च करने ये जोखिम लिया है …चाहते तो इससे आसान रास्ता पकड़ सकते थे …दस का दम या नच के दिखा जा या फिर कोई गेम शो बना सकते थे …लेकिन सत्यमेव जयते बनाया …ये एंटरटेनमेंट चैनल का सरोकारी चेहरा है …
Ajit Anjum : स्टार प्लस पर सत्यमेव जयते देख रहा हूं ….जिंदगी लाइव की ऋचा अनिरुद्ध की याद आ रही है ….कंसेप्ट के लेवल पर बहुत कुछ मिलता जुलता …एंकर, गेस्ट से लेकर दर्शकों को रोते देख रहा हूं …इमोशनल और शॉकिंग मोमेंट ….कोख में बेटियों के कत्ल की दास्तां ….
Shripal Shaktawat : चलो कुछ तो हुआ. मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के आह्वान और आप लोगों की प्रतिक्रिया की आहट पाकर हरकत में आई राजस्थान सरकार ने सात साल पहले हमारे द्वारा कन्या भ्रूण हत्या को लेकर किये गये एक स्टिंग ऑपरेशन के बारे में आनन फानन में अधिकारियों से सलाह मशविरा शुरू कर दिया है. और, कानून के जानकारों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि सभी केसेज को एक स्पेशियल कोर्ट में लाने की प्रक्रिया क्या होगी ? यानि,सरकार जाग गई है, साथ ही कानूनी कारवाई के नाम पर हो रहे उत्पीड़न के खत्म होने की उम्मीद भी जाग गई है.शुक्रिया आमिर खान! धन्यवाद आमिर खान प्रोडक्शंस !! सत्यमेव जयते !!!
Sanjay Sharma : सालो से इतने इंतजार से किसी सीरियल का इंतजार नहीं किया था..लगा कि आमिर खान सत्मेयब जयते में कुछ नया लायेगे…पर बहुत निराशा हुई..इससे कही ज्यादा अच्छा आईबीएन 7 पर जिंदगी लाइव आता है..आमिर को थोड़ी मेहनत और करनी चहिए थी..मुद्दे अच्छे उठाये पर निर्देशन कमजोर..
Vijay Rana : Satyamev Jayate: This is the beginning of a new genre called the honest TV.
Shagun Tyagi : सत्यमेव जयते… बेहतरीन, लाजवाब, उमदा, सराहनीय कोशिश…





