दोस्तों, भड़ास4मीडिया से पिछले 3 वर्षों से नियमित तौर पर जुड़ा हूँ लेकिन रूटीन ख़बरों के अलावा भड़ास के लिए कभी कुछ नहीं लिखा. आज जबकि यशवंत भाई की लगनशीलता… जज़्बे… साहस और मेहनत के चलते भड़ास4मीडिया ने सफलतम 4 वर्ष पूरे कर लिए हैं… ख़ुशी के ऐसे मौके पर मैं यशवंत भाई के बारे में खुद को लिखने से रोक नहीं पाया. आज के समय में स्पष्टवादी नजरिया रखने वाले लोग बिरले ही मिलेंगे…. और अगर मिलेंगे भी तो अक्सर दोहरा चेहरा लेकर या दोहरी बातें करते हुए मिलेंगे.
हो सकता है आज की इन परिवर्तनशील परिस्थितियों में किसी एक फैसले पर अडिग रह पाना और ऐसा कर पाना सबके बस में है भी नहीं. लेकिन जहाँ तक और जितना मैं स्वयं भड़ास4मीडिया के यशवंत सिंह को जानता हूँ या जान पाया हूँ, मुझे वो हमेशा स्पष्ट और साफगोई में यकीन रखने वाले ही लगे हैं. फिर चाहे स्वयं का व्यक्तित्व हो… आरोप-प्रत्यारोप हो… कोई परेशानी हो या फिर किसी ख़ुशी का इज़हार हो… उन्होंने हर बात, हर विचार बड़ी बेबाकी के साथ पाठकों, मित्रों, शुभचिंतकों और प्रतिद्वंदियों के साथ साझा किये हैं. इतना स्पष्टवादी नजरिया मैंने कहीं और नहीं देखा.
आज के दौर में जब भारतीय मीडिया की स्थिति, हालात और कार्यप्रणाली से एक आम मीडियाकर्मी के साथ ही नॉन मीडियाकर्मी (पढ़ा-लिखा वर्ग) भी वाकिफ है. इसका बहुत बड़ा श्रेय यशवंत सिंह और भड़ास4मीडिया को भी जाता है. मीडिया के क्षेत्र में आने वाली नई पौध को मीडिया की कड़वी सच्चाई से वाकिफ कराने से लेकर आईना दिखाने तक का काम भड़ास4मीडिया ने ही किया है. भड़ास4मीडिया को आज भारतीय न्यू मीडिया का बादशाह कहें तो अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए.
यशवंत सिंह के स्पष्टवादी नजरिये के साथ ही उनके क्रांतिकारी विचार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. उनका दर्शन और सोचने, समझने, कहने व करने का नजरिया बेहद ही क्रांतिकारी है. मुझे उम्मीद है की अगर ये नजरिया इसी तरह बरकरार रहा और यशवंतजी को बेहतर सहयोग मिलता रहा तो बड़ी बात नहीं की आने वाले समय में न्यू मीडिया के माध्यम से ही लोकतंत्र मैं अनेक सकारात्मक क्रांतिकारी बदलाव लिखने को मिले.
यशवंत भाई, आपसे मुलाकात भी हुई और हमने बहुत बातें भी की पर उस समय भी बहुत कुछ कहना बाकी ही रह गया था. आज सार्वजानिक रूप से कह रहा हूँ की मीडिया मैं 10 वर्षों तक काम करने, सीखने, समझने के दौरान मेरे मन में हमेशा से कुछ नया और अलग करने का विचार था. सुकून इस बात का है की जिस संस्थान में भी रहा कहीं से निकाला नहीं गया… हर संस्थान से मैंने खुद ही रिज़ाइन किया. पर उस नए और अलग करने के विचार के साथ ही अपना स्वयं का काम शुरू करने का साहस और जज़्बा यशवंत भाई मुझे आपसे ही मिला है. मैंने क्रांतिकारी विचारधारा और स्पष्टता आपसे ही सीखी है… इसके लिए दिल से धन्यवाद.
हालांकि अभी तक किसी ने सामने से आलोचना नहीं की है लेकिन भविष्य में कभी आलोचना सहूंगा तो उससे लड़ने-जूझने का साहस अब आ गया है. आज आपसे ये लिखते, कहते हुए मैं जितना खुश हूँ उतना ही दुखी भी. खुश इसलिए हूँ की आपकी विचारधारा ने न सिर्फ मेरे जैसे एक आम पत्रकार की विचारधारा बदली है. बल्कि उससे मेरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी आया है वहीं दुखी इसलिए हूँ की आपकी विपरीत परिस्थितियों मैं कभी चाहकर भी आपकी मदद नहीं कर पाया क्योंकि शायद मेरी परिस्थितियां भी कभी आपसे जुदा नहीं रही. भविष्य मैं मौका मिला तो ज़रूर कुछ करूँगा.
अंत में, भड़ास4मीडिया के सफलतम 4 वर्ष पूर्ण होने पर यशवंतजी और भड़ास के लिए ढेर सारी मंगलकामनाएं… भड़ास इसी तरह शोषित मीडियाकर्मी की आवाज़ बुलंद करता रहे.
जय हिंद

सत्यनारायण वर्मा
एडिटर
स्वर्णिम न्यूज़ नेटवर्क, भोपाल
09039462699
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