: सपाई बनाते रहे हमलावर से समझौते का दबाव : उन्नाव में इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार विजय सिंह से मारपीट करने एवं उनका कैमरा व चेन छीनने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मंगलवार को अवैध बालू खनन की कवरेज करने पहुंचे विजय पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया था तथा उनसे जमकर मारपीट की गई. हमलावरों ने उनका कैमरा तथा चेन भी छीन लिया था. पत्रकार ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी, परन्तु गंगाघाट पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
नाराज पत्रकारों ने इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई तथा आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की. इस मामले में सपा के दर्जनों मठाधीश आरोपी युवक को छुड़ाने के लिए पहले तो पुलिस पर दबाव बनाते रहे, लेकिन मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को होने के चलते स्थानीय पुलिस ने सहयोग करने से इनकार कर दिया. इसके बाद कुछ सपाई पत्रकार से भी समझौते का दबाव बनाते रहे, लेकिन बात नहीं बनी. दुबारा पैसा देकर भी समझौता कराने का प्रयास किया गया परन्तु पत्रकार ने किसी भी प्रकार से समझौता करने से इनकार कर दिया.
जब किसी प्रकार समझौते की बात नहीं बनी तो कुछ तथाकथित पत्रकारों के उकसाने पर चंपापुरवा व राजीव नगर इलाके के सैकड़ों लोगों को थाने बुलाकर आरोपी को छुड़ाने के लिये पुलिस पर फिर से दबाव बनाने की कोशिश की गयी. परन्तु मामला उच्च स्तर पर पहुंच जाने के चलते स्थानीय पुलिस समझौता कराने का साहस नहीं जुटा सकी. मजबूरी में गंगाघाट पुलिस को आरोपी महेश निषाद को जेल भेजना पड़ा. जेल भेजने से पहले पुलिस ने उसका राजधानी मार्ग स्थित सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया. पुलिस हिरासत में होने के बाद भी महेश पत्रकारों को छूट कर आने के बाद देख लेने की धमकी दे रहा था. पुलिस ने इस हमले के दूसरे आरोपी सुनील गुप्ता उर्फ बउआ को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जबकि वो खुले आम घूम रहा है.





