: बीस हजार पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारियों का भविष्य खतरे में : हैदराबाद। सीबीआई द्वारा साक्षी समूह के बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगाने के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के बेटे और वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस जगनमोहन रेड्डी की आर्थिक मोर्चे पर और नाकेबंदी कर दी। सरकार ने साक्षी समाचार पत्र व टेलीविजन चैनल पर अपने सभी विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगा दी है। जगन साक्षी समाचार पत्र व चैनल के मालिक हैं।
सरकार ने सभी विभागों, एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कारपोरेशनों और संगठनों को साक्षी के लिए विज्ञापन जारी न करने के लिए कहा है। साक्षी को भी अधिसूचना जारी की गई है। सीबीआई ने मीडिया हाउस साक्षी के खिलाफ एक आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई गई है। इससे दो दिन पूर्व सीबीआई ने तेलुगू दैनिक साक्षी निकालने वाले जगती प्रकाशन, 24 घंटे का समाचार चैनल चलाने वाले इंदिरा टेलीविजन व जननी इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म के बैंक खाते सील कर दिए थे।
सीबीआई ने जगन के पास कथित अवैध संपत्ति होने की जांच के तहत इन कंपनियों के 11 वर्तमान खातों और 103 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपाजिट सील किए हैं। कंपनियों के 11 खातों में कुल 10.31 करोड़ रुपये की राशि है। कडप्पा सांसद जगन की कंपनियों ने सीबीआई की इस कार्रवाई को चुनौती दी है। कंपनियों का आरोप है कि खाते सील कर देने से दैनिक व टीवी चैनल प्रभावित हुए हैं और इससे इनके 20,000 कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
राजशेखर रेड्डी के मुख्यमंत्रित्व काल में वर्ष 2008 में इस समाचार पत्र व चैनल को शुरू किया गया था। इसके बाद 24 अप्रैल 2008 को एक सरकारी आदेश जारी हुआ, जिसमें कुछ शर्तो में ढील देकर सूचना एवं जनसंचार आयुक्त को साक्षी के लिए विज्ञापन जारी करने की अनुमति दी गई थी।
जगन पहले ही सीबीआई की इस कार्रवाई को खुद को खिलाफ षड्यंत्र व प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बता चुके हैं। साक्षी प्रबंधन का कहना है कि बैंक खाते सील होने से उनका काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सीबीआई ने राज्य हाई कोर्ट के निर्देश पर पिछले साल जगनमोहन व 72 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जगन, उनकी कंपनियों, नजदीकी सहयोगियों व उनकी कंपनियों में पैसा लगाने वालों के खिलाफ तीन आरोपपत्र दाखिल किए। (जागरण)





