: पत्रकारों को एसडीएम की गाड़ी में बैठाकर कोतवाली लाया गया : बाद में पुलिस ने छोड़ा : एफसीआई का विजिलेन्स अधिकारी बताने वाले तीन अन्य व्यक्तियों को जेल : देवरिया। जिले के कुछ फर्जी पत्रकार जिला प्रशासन की नाक के नीचे प्रति दिन लाखों रुपए की वसूली कर रहे हैं मगर जिला प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। सोमवार के दिन जिले के कोतवाली थाना अन्तर्गत कसया रोड पर रघवापुर गांव के पास स्थित राज्य भण्डारण निगम के एक गोदाम पर संजय तिवारी, संजय मणि तिवारी, कुमार रंजन गुप्ता और अवधेश नाम के चार फर्जी पत्रकार जो खुद को इलेक्ट्रानिक और प्रिन्ट मीडिया का पत्रकार बताते रहे हैं, वहां पहुंच गए और गोदाम प्रभारी बैरिस्टर राव को धमका कर एक लाख रुपए की मांग करने लगे।
इसी बीच इन पत्रकारों का सहयोग करने के लिए एफसीआई भारत सरकार के विजिलेन्स विभाग का प्रतिनिधि बन कर तीन अन्य लोग सरफुददीन एवं शमसुददीन ग्राम बेलवां जिला कुशीनगर और असीम सिंह कसया जिला कुशीनगर भी एक लग्जरी गाड़ी से गोदाम पर पहुंच गए। गाड़ी पर एफसीआई भारत सरकार लिखा था।
इनके पास से मिले विजिटिंग कार्ड पर भारत सरकार और अशोक स्तम्भ भी छपा हुआ था। उन लोगों ने भी गोदाम प्रभारी एवं वहां पर कार्यरत अन्य लोगों पर धौंस जमाना शुरू कर दिया।
कुछ शक होने पर गोदाम प्रभारी ने धीरे से मामले की जानकारी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दे दिया। इस पर एसडीएम सदर बीएल मौर्या एवं शहर कोतवाल सारनाथ सिंह मय फोर्स के गोदाम पर पहुंच गए और चारों फर्जी पत्रकारों के साथ खुद को एफसीआई का विजिलेन्स विभाग का प्रतिनिधि बताने वाले तीन अन्य लोगों को धर दबोचा और कोतवाली थाने में लाकर सभी सातों व्यक्तियों को बन्द कर दिया। कहा जाता है कि उस समय पुलिस अधीक्षक शचि घिल्डियाल कोतवाली में पुलिस कर्मियों की मीटिंग कर रही थीं। लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई रुचि नहीं दिखाई। बाद में सभी फर्जी पत्रकारों को पुलिस ने देर रात छोड़ दिया और एफसीआई के विजिलेन्स अधिकारी के नाम पर गोदाम प्रभारी को धमकाने वाले तीन युवकों को हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।





