लखनऊ से खबर है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मायावती की तगड़ी घेराबंदी कर दी है और अब मायावती को जेल में डाले जाने की तैयारी है. इसके लिए उनके शासनकाल में हुए घोटाले को सामने लाया जा रहा है और इसकी जांच के बाद आरोपी मायावती के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. अखिलेश यादव ने कहा है कि मायावती के राज में 40 हजार करोड़ रुपये के घोटाले हुए हैं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुसार पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए एनआरएचएम घोटाला, इको पार्क घोटाला, नोएडा घोटाला, पार्क घोटाला, हाथी घोटाला समेत एक दर्जन घोटाले अब तक सामने आ चुके हैं. पिछली सरकार के कई मंत्री इन घोटालों में संलिप्त रहे हैं, अब उनसे जुड़ी जानकारी सामने आ रही है. मालूम हो कि कई मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त जांच भी चल रही है. अखिलेश ने बताया कि उजागर हो चुके सभी घोटालों की जांच कराई जा रही है, इसमें संलिप्त लोग जल्द ही बेनकाब होंगे.
उन्होंने मायावती सरकार को घोटालों की सरकार करार दिया. मुख्यमंत्री के अनुसार घोटाले की परतें धीरे-धीरे उधड़ने लगी हैं, आने वाले दिनों में कई और बड़े घोटाले सामने आएंगे. मंगलवार को हज यात्रा पर जाने के लिए लॉटरी निकालने के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने मायावती सरकार में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई थी, जो अब सच साबित हो रही है. घोटालों में आकंठ डूबे उत्तर प्रदेश में एक और नया घोटाला सामने आया है. यह है खजूर घोटाला. राजधानी लखनऊ में बसपा सरकार के समय बने स्मारकों के किनारे हरियाली बनाए रखने के लिए खजूर के पेड़ लगाने का फैसला हुआ था. महंगे दामों पर मंगाए गए पेड़ों का कहीं नामोनिशान नहीं है. बताया जा रहा है कि इन पेड़ों को बाद में फेंक दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि खजूर का पेड़ लगाने के नाम पर भी करोड़ों रुपये का बंदरबाट हुआ है, इसकी जांच कराई जा रही है.
अरबों रुपये के हाथी मूर्ति घोटाले में पुलिस के आठ बिन्दु ही लखनऊ व नोएडा में बने स्मारकों, हाथी प्रतिमाओं की खरीद व अन्य गड़बड़ी से परदा उठाएंगे. डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, गोमतीनगर (लखनऊ) व कानपुर रोड (लखनऊ) के कांशीराम ईको पार्क और नोएडा में पत्थर के हाथियों की खरीद के घोटाले की जांच कर रही पुलिस ने राजकीय निर्माण निगम से ब्योरा तलब किया है. जांच अधिकारी विजय कुमार त्रिपाठी ने राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है, जिसमें आठ बिन्दुओं पर जानकारी देने को कहा गया है. हाथी मूर्ति घोटालों के शिकायतकर्ताओं पर समझौता करने का दबाव डालने की भनक लगते ही पुलिस ने दो शिकायतकर्ताओं के मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराए. डीआईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि पुलिस ने हाथी मूर्ति घोटाले की शिकायत करने वाले आगरा के मूर्तिकार मदनलाल व कृष्णानगर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आगरा के ठेकेदार अशोक कुमार के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए.





