Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

दैनिक भास्‍कर, हिसार से आनंद त्रिपाठी का इस्‍तीफा

दैनिक भास्‍कर, हिसार से खबर है कि आनंद त्रिपाठी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर रिपोर्टर थे. बताया जा रहा है कि ब्‍यूरोचीफ के व्‍यवहार से परेशान होकर आनंद ने अपना इस्‍तीफा प्रबंधन को सौंपा है. आनंद एक दर्जन से ज्‍यादा बीटों की रिपोर्टिंग कर रहे थे. बताया जा रहा है कि उन्‍होंने जयपुर में राजस्‍थान पत्रिका ज्‍वाइन कर चुके हैं. उन्‍होंने इस्‍तीफा देने का आरोप ब्‍यूरोचीफ पर लगाया है. संपादक को पत्र भी दिया है. परन्‍तु प्रबंधन के लोगों का कहना है कि आनंद के इस्‍तीफा देने का मामला पुराना है.

दैनिक भास्‍कर, हिसार से खबर है कि आनंद त्रिपाठी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर रिपोर्टर थे. बताया जा रहा है कि ब्‍यूरोचीफ के व्‍यवहार से परेशान होकर आनंद ने अपना इस्‍तीफा प्रबंधन को सौंपा है. आनंद एक दर्जन से ज्‍यादा बीटों की रिपोर्टिंग कर रहे थे. बताया जा रहा है कि उन्‍होंने जयपुर में राजस्‍थान पत्रिका ज्‍वाइन कर चुके हैं. उन्‍होंने इस्‍तीफा देने का आरोप ब्‍यूरोचीफ पर लगाया है. संपादक को पत्र भी दिया है. परन्‍तु प्रबंधन के लोगों का कहना है कि आनंद के इस्‍तीफा देने का मामला पुराना है.

आनंद द्वारा संपादक को भेजा गया पत्र.

आदरणीय संपादक जी,

सविनय निवेदन है कि प्रार्थी आनंद कुमार त्रिपाठी अब दैनिक भास्कर को अपनी सेवाएं देने में असमर्थ महसूस कर रहा है। इसका एकमात्र कारण हमारे ब्यूरोचीफ श्री राकेश क्रांति जी हैं। इनके द्वारा लगातार सार्वजनिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त किए जाने के चलते मैं इतना अपमानित महसूस कर रहा हूं कि मैंने इस्तीफा देने का मन बना लिया है। राकेश क्रांति हमेशा मुझे हतोत्साहित करते हैं। मुझे उचित दिशा निर्देश नहीं देते। सार्वजनिक रूप से अपशब्द भी बोलते हैं, इनमें गालियां भी शामिल हैं। लगातार अपने ढंग से इन्होंने कई खबरों को निजी स्वार्थ के कारण छपने नहीं दिया। जिनके दो बड़े उदाहरण मेरे सबूतों के साथ मौजूद हैं।

1. एचएयू में पिछले साल ओपन स्कूल की परीक्षा में नकल करते और करवाते लोगों की कवरेज मैंने की। जब मैं यह कवरेज कर रहा था तो इनके तथाकथित चाचा ने मौके से मेरी बात फोन पर इनसे कराई। शाम को जब मैंने आकर खबर लिखी तो उसके बाद इन्होंने खराब तस्वीर की बात कह कर खबर नहीं छपने दी। अगले दिन जब मैंने फिर से वही कवरेज करने को कहा तो इन्होंने मना कर दिया और अंतत: खबर नहीं छपी।

2. जीजेयू में शिक्षक और गैर शिक्षक के गुट आपस में भिड़ गए थे इस मारपीट के दौरान के प्रोफेसर नरसिंह राम विश्रोई ने सरकारी गार्ड की गन छीन कर कर्मचारियों पर तान दी। हमारे साथी फोटोग्राफर ने यह तस्वीर भी खिंची। शाम को आफिस में वह तस्वीर ही गायब कर दी गई। इसकी पुष्टि फोटोग्राफर या कंप्यूटर रिकार्ड से की जा सकती है।

3. इसी प्रोफेसर नरसिंह राम विश्नोई द्वारा किए गए घोटाले की खबर करीब एक महीने पहले मैंने की। इसको भी इन्होंने सोर्स बताते हुए छपने नहीं दिया। अगले दिन सुबह मीटिंग में अपशब्द कहे और इसके बाद इनका व्यवहार मेरे प्रति और भी खराब होता चला गया।

4. एक सप्ताह पहले भी मैं एक खबर को लेकर चर्चा कर रहा थे। इस दौरान इन्होंने तू-तपेड़ की भाषा का प्रयोग करते हुए बाहर जाने को कहा।

यह सिर्फ मेरे साथ हुई घटनाएं हैं। मेरा पूरा विश्वास है कि इस तरह की घटनाएं बाकी साथियों के साथ भी अक्सर होती रहती हैं। इनकी कार्यशैली से संस्थान के कई साथी परेशान हैं। इनके अभद्र व्यवहार के बारे में संपादक जी से भी कही। इसके बाद संपादक जी ने क्रांति जी को ऐसा भविष्य में दुबारा न करने की हिदायत दी। इससे पहले भी इनके व्यवहार की जानकारी पूर्व संपादक के संज्ञान में लेकर आ चुका हूं। मेरे इन सभी आरोपों की पुष्टि आप संस्थान के अन्य साथियों से कर सकते हैं। मेरा आप से विनम्र निवेदन और आग्रह है कि हमारे ब्यूरोचीफ श्री राकेश क्रांति जी की कार्यशैली और खबरों को रोकने और तोड़मरोड़ कर तथ्यों को पेश करने जैसे तथ्यों की कृपया गोपनीय जांच करवाने का कष्ट करें। मेरे इस पत्र को कृपया इस्तीफा समझकर मंजूर करने का कष्ट करें। मुझसे अगर जाने अनजाने कोई गलती हुई हो तो उसके लिए भी मैं आप सभी से माफी चाहता हूं।

भास्‍कर सदस्य

आनंद कुमार त्रिपाठी

संवाददाता

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...