नईदुनिया, ग्वालियर से स्थानीय संपादक डॉक्टर राकेश पाठक के इस्तीफा देने के बाद तात्कालिक तौर पर ग्वालियर की जिम्मेदारी ऋषि पांडे को सौंपी गई है। ऋषि पांडे इससे पहले जागरण के नेशनल एडीशन के भोपाल ब्यूरो के चीफ थे। जागरण के हाथों नईदुनिया के बिकने के बाद समूह संपादक श्रवण गर्ग ने पहला काम भोपाल ब्यूरो को बंद करने और फिर ऋषि पांडे को इंदौर तबादला करने का किया। ऋषि पांडे पिछले डेढ़ माह से इंदौर में नईदुनिया को सेवाएं दे रहे थे। गुरुवार की शाम अचानक नईदुनिया, ग्वालियर से संपादक डॉक्टर राकेश पाठक को नए प्रबंधन ने नमस्कार कर दिया। डॉक्टर राकेश पाठक की विदाई की पटकथा लिखने के लिए बुधवार की शाम को ही श्री टंडन और मनीष शर्मा ग्वालियर पहुंच चुके थे।
डॉक्टर राकेश पाठक की इस आदत को जानते हुए कि वह हटाए जाने पर संस्थान में हड़ताल भी करवा देते हैं, इसलिए डैमेज कंट्रोल करने के लिए प्रबंधन ने तुरंत ही ऋषि पांडे को इंदौर से ग्वालियर रवाना किया गया और शुक्रवार की सुबह ऋषि पांडे ने ग्वालियर आकर नया दायित्व भी संभाल लिया और जैसी की प्रबंधन को संभावना थी, हालात भी ठीक वैसे ही ऋषि पांडे को मिले। डॉक्टर पाठक के कहने पर नईदुनिया में इस्तीफे जारी हैं। उनके साथ ही तीन लोग संस्थान छोड़ गए और एक बार फिर डॉक्टर पाठक साबित करने में जुट गए हैं कि संस्थान से बड़ा व्यक्ति होता है।
वहीं ऋषि पांडे ने संपादकीय और पूरे स्टॉफ की पहली मीटिंग में लोगों को समझाने का प्रयास किया कि संस्थान नया प्रबंधन निश्चिततौर पर काम करने वालों का सम्मान करेगा। काम करने वालों को पूरा हक मिलेगा। ऋषि पांडे काफी अनुभवी पत्रकार हैं। वे राजनीतिक रिपोर्टिंग में महारथ रखते हैं। जागरण में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद उनकी सेवाओं से दैनिक भास्कर, पत्रिका भी लाभान्वित हुए। इस संदर्भ में पूछे जाने पर नईदुनिया के प्रधान संपादक श्रवण गर्ग ने कहा कि डाक्टर राकेश पाठक के इस्तीफा देने के बाद खाली हुए पद पर अस्थाई रूप से ऋषि पांडेय को भेजा गया है। जब तक नई नियुक्ति नहीं होती तब तक वे ही जिम्मेदारी संभालेंगे।