कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में आपा खो बैठीं। ममता दर्शकों में मौजूद छात्रों को माओवादी व सीपीएम कार्यकर्ता बताकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़ कर चली गई। यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन के एक वर्ष पूरा होने पर आयोजित किया गया था। दरअसल दर्शकों ने ममता से जादवपुर यूनिसर्सिटी के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र की गिरफ्तारी तथा राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सवाल पूछा था। ममता ने प्रोफेसर पर सीपीएम का सदस्य होने का आरोप लगाते हुए कहा, यह कार्टून नहीं है। हम कार्टून को प्यार करते हैं लेकिन कार्टून अलग चीज है। वे सीपीएम के सदस्य हैं। उन्होंने वह कार्टून 60 लोगों को ई-मेल किया।
ममता ने सीपीएम पर माओवादियों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया। कार्टून विवाद पर पूछे गए सवाल पर ममता ने दर्शकों में मौजूद विद्यार्थियों से कहा, मैं जानती हूं कि माओवादी व सीपीएम के लोग यह सवाल पूछ रहे हैं। ममता ने सवाल किया कि इस शो में केवल जादवपुर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी ही क्यों हैं, बाकी के क्यों नहीं। राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर ममता नाराज हो गई। उन्होंने कहा, महिलाओं के खिलाफ राज्य में कोई अपराध नहीं है। ममता ने दावा किया कि दर्शकों में माओवादी और सीपीएम कार्यकर्ता मौजूद हैं और वे केवल उनसे जुड़े सवाल ही पूछ रहे हैं।





