गोरखपुर में जो शर्मनाक वाकया हुआ है उससे उत्तर प्रदेश के पत्रकारों में काफी रोष है. हर कोई स्तब्ध है कि आखिर कैसे एक आईपीएस अफसर अमर उजाला जैसे अखबार के पत्रकार को सरेआम बुरी तरह पीट सकता है. वह भी सिर्फ इसलिए कि उस पत्रकार की गाड़ी सड़क पर खड़ी थी. एसएसपी गाड़ी का चालान कटवा सकते थे, मुकदमा दर्ज करा सकते थे. लेकिन वे कानून को हाथ में लेकर पत्रकार को पीटने लगे और यह सुनकर कि मार खा रहा शख्स पत्रकार है, उन्होंने लाठियों से जोर जोर से पिटाई शुरू कर दी.
ऐसा वाकया मायावती के शासनकाल में भी नहीं हुआ था. अफसर इतने बेलगाम मायावती के राज में भी नहीं थे कि किसी पत्रकार को सड़क पर गिरा गिरा कर पीटने लगे. इस मसले पर लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्र स्पीड पोस्ट से भेजा है जिसमें एसएसपी आशुतोष को निलंबित करने की मांग की है. साथ ही पीड़ित पत्रकार की तरफ से दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. भड़ास4मीडिया भी बेलगाम आईपीएस आशुतोष को निलंबित करने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मांग करता है. अगर आप इस खबर को पढ़ रहे हैं और एक जिम्मेदार नागरिक या पत्रकार हैं तो फौरन अपना विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखिए और दोषी आईपीएस को निलंबित करने की मांग करिए. संजय शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र इस प्रकार है…

पत्रकार को आईपीएस अफसर द्वारा पीटे जाने की मूल खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें- गोरखपुर में अमर उजाला के रिपोर्टर को एसएसपी ने सरेराह पीटा, पत्रकारों में रोष
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